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अवैध कब्जा किया तो खैर नहीं, अस्थायी निर्माण ध्वस्त, स्थायी पर भी जल्द चलेगा बुलडोजर
Mon, 16 Mar 2020 10:55 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 16 Mar 2020 10:55 AM IST
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gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला
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सुमेर सागर ताल की जमीन पर किए अवैध अतिक्रमण पर रविवार को भी प्रशासन का बुलडोजर चला। इस दौरान अधिकांश अस्थायी निर्माण ध्वस्त किए गए। स्थायी निर्माण के खिलाफ भी जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी। जिला प्रशासन ने शनिवार से सुमेर सागर ताल की जमीन से अवैध कब्जे हटाने का अभियान शुरू किया था। दूसरे दिन रविवार को भी यह अभियान चला।
हाईकोर्ट ने भी अवैध रूप से मकान बनाकर रहने वाले से सुमेर सागर ताल की जमीन को मुक्त कराने का निर्देश दिया है। दरअसल नजूल की जमीन होने के बावजूद अभिलेखों में हेराफेरी करके यहां जमीन की खूब-खरीद बिक्री हुई है। भूमाफियाओं ने ताल की जमीन को मिट्टी डालकर पाट दिया और मंहगे दामों में लोगों को बेच दिया।
जमीन खरीदने के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में यहां लोगों ने मकान भी बना लिए। इनमें कई शहर के रसूखदार भी हैं। कब्जा मुक्त कराने के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल, सदर तहसीलदार डॉक्टर संजीव दीक्षित, नायब तहसीलदार पिपराइच सुमित सिंह, एसडीएम प्रशासन के साथ कानूनगो लेखपाल अमीन तथा पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहे।
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हाईकोर्ट ने भी अवैध रूप से मकान बनाकर रहने वाले से सुमेर सागर ताल की जमीन को मुक्त कराने का निर्देश दिया है। दरअसल नजूल की जमीन होने के बावजूद अभिलेखों में हेराफेरी करके यहां जमीन की खूब-खरीद बिक्री हुई है। भूमाफियाओं ने ताल की जमीन को मिट्टी डालकर पाट दिया और मंहगे दामों में लोगों को बेच दिया।
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जमीन खरीदने के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में यहां लोगों ने मकान भी बना लिए। इनमें कई शहर के रसूखदार भी हैं। कब्जा मुक्त कराने के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल, सदर तहसीलदार डॉक्टर संजीव दीक्षित, नायब तहसीलदार पिपराइच सुमित सिंह, एसडीएम प्रशासन के साथ कानूनगो लेखपाल अमीन तथा पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहे।
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भूमाफियाओं से रजिस्ट्री कराने वालों से मिले अफसर
सुमेर सागर ताल की जमीन खरीदकर भूमाफियाओं की साजिश का शिकार बने कई पीड़ितों ने रविवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में अपना पक्ष रखा। बताया कि उन्होंने बाकायदा जमीन की रजिस्ट्री कराई है। जिला प्रशासन का कहना है कि सुमेर सागर ताल की जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण गलत है। यह अवैध और गैरकानूनी है। इसलिए सभी अपने अपने प्लाटों को खाली कर दें और कानूनी कार्रवाई से बचें।
दरअसल, सुमेर सागर ताल की सात एकड़ से अधिक भूमि भूमाफियाओं ने लोगों को धोखे में रखकर बेच दी। अब प्रशासन यहां पर कार्रवाई कर रहा है। कई कब्जेदारों द्वारा प्रशासन की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद रविवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर की अध्यक्षता में सदर तहसील सभागार में सभी काश्तकारों के साथ बैठक कर प्रशासन के रुख की जानकारी दी गई। बैठक में सदर तहसीलदार डॉक्टर संजीव दीक्षित नायब तहसीलदार पिपराइच सुमित सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दरअसल, सुमेर सागर ताल की सात एकड़ से अधिक भूमि भूमाफियाओं ने लोगों को धोखे में रखकर बेच दी। अब प्रशासन यहां पर कार्रवाई कर रहा है। कई कब्जेदारों द्वारा प्रशासन की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद रविवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर की अध्यक्षता में सदर तहसील सभागार में सभी काश्तकारों के साथ बैठक कर प्रशासन के रुख की जानकारी दी गई। बैठक में सदर तहसीलदार डॉक्टर संजीव दीक्षित नायब तहसीलदार पिपराइच सुमित सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।