विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता: मानसिक रोग के लक्षण दिखें तो तत्काल डॉक्टर से करें संपर्क
सीएमओ ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कामकाजी छह वयस्कों में से एक किसी न किसी मानसिक बीमारी से ग्रसित हैं। मानसिक बीमारियों के कारण विश्व में हर साल 12 अरब कार्य दिवसों का नुकसान हो रहा है।
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नकारात्मक विचार या हीन भावना आना, कम या ज्यादा सोना और अक्सर उलझन व घबराहट महसूस करना आदि से यदि कोई ग्रस्त है, तो उसे तत्काल चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता है।
ये बातें सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने सोमवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता सप्ताह के शुभारंभ के मौके पर कहीं। उन्होंने बताया कि एक ही विचार मन में बार-बार आना, एक ही कार्य करने की बार-बार इच्छा होना, डर लगना, अनावश्यक शक होना, कानों में आवाज आना, मोबाइल फोन या किसी नशे का लत होना आदि भी मानसिक रोग के लक्षण हैं। जिला अस्पताल में मानसिक रोगियों का निशुल्क इलाज और दवा उपलब्ध हैं।
रिपोर्ट : कामकाजी छह में से एक वयस्क मानसिक रोग से ग्रस्त
सीएमओ ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कामकाजी छह वयस्कों में से एक किसी न किसी मानसिक बीमारी से ग्रसित हैं। मानसिक बीमारियों के कारण विश्व में हर साल 12 अरब कार्य दिवसों का नुकसान हो रहा है।
यही वजह है कि इस वर्ष 10 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को वैश्विक प्राथमिकता बनाएं, रखी गई है। इसे साकार करने के लिए आवश्यक है कि खुद में या किसी परिजन में अगर मानसिक रोग के लक्षण दिखें तो बिना देरी और संकोच के अस्पताल की मदद ली जाए।
यहां कर सकते हैं संपर्क
सीएमओ ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ एके चौधरी, चिकित्सा अधिकारी डॉ अमित शाही, नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ रामेंद्र त्रिपाठी, साइकिट्रिक सोशल वर्कर संजीव, साइकिट्रिक नर्स विष्णु शर्मा और कम्युनिटी नर्स प्रदीप वर्मा की टीम जिला अस्पताल और ग्रामीण इलाके में सेवाएं दे रही है। मानसिक रोगियों और खासकर अवसाद के मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9336929266 प्रत्येक कार्य दिवस में सक्रिय रहता है, जिस पर फोन करके आवश्यक मदद ली जा सकती है।
जिला अस्पताल में चलती है ओपीडी
सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल में प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को कक्ष संख्या 49 और 50 में मानसिक रोगियों के लिए ओपीडी चलाई जा रही है। इसके अलावा डेरवा, गगहा, पाली, गोला, पिपराइच, ब्रह्मपुर, सरदारनगर और बांसगांव में रोस्टर के अनुसार मंगलवार, बृहस्पतिवार एवं शनिवार को टीम विजिट कर रही है। टीम के लोग जेल, शरणालय, मलिन बस्तियों, बाल सुधार गृह आदि स्थानों पर भी सेवाएं दे रहे हैं।