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गोरखपुर: दहेज हत्या में पति को 10 साल कारावास की सजा, विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण ने सुनाया फैसला
Thu, 13 Oct 2022 11:57 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 13 Oct 2022 11:57 AM IST
सार
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी एचएन यादव व संजीत शाही का कहना था कि संतकबीरनगर के मेंहदावल के जाने आलम ने दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था। दर्ज केस में कहा गया था कि जाने आलम ने अपनी बेटी अमीरुनिशा की शादी 2009 में अख्तर रजा के साथ की थी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अभय प्रकाश नारायण ने दहेज हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर बुधवार को कैंपियरगंज क्षेत्र के शिवपुर करमहवा टोला विशुनपुरवा निवासी अख्तर रजा को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अख्तर जितने भी दिन जेल में रहा है, वह अवधि सजा में समायोजित हो जाएगी।
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कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी एचएन यादव व संजीत शाही का कहना था कि संतकबीरनगर के मेंहदावल के जाने आलम ने दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था। दर्ज केस में कहा गया था कि जाने आलम ने अपनी बेटी अमीरुनिशा की शादी 2009 में अख्तर रजा के साथ की थी।
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शादी के दो साल तक सब ठीक रहा, लेकिन इसके बाद अमीरुनिशा को दहेज की खातिर प्रताड़ित किया जाने लगा। 22 सितंबर 2016 को किसी ने फोन किया और बताया कि बेटी को उसके ससुराल के लोगों ने साजिश करके जलाकर मार दिया है।
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पुलिस ने केस दर्ज करके विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। अब न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों के आधार पर सजा सुनाई है।