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Gorakhpur News: एमएमएमयूटी में अब व्यवसाय प्रबंधन से अलग होगा मानविकी विभाग
Fri, 25 Nov 2022 03:56 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 25 Nov 2022 03:56 PM IST
सार
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई रोजगार परक पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए विभागों का विकेंद्रीकरण आवश्यक है। योजना बनाकर उसे विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड से स्वीकृत भी करा लिया गया है। विभागों को अलग करने के बाद उसमें संचालित होने वाले पाठ्यक्रम का निर्धारण भी कर दिया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने विभागों के विकेंद्रीकरण की योजना बनाई है। जिसके मुताबिक व्यवसाय प्रबंधन एवं मानविकी विभाग तीन हिस्से में बंट जाएगा।
व्यवसाय प्रबंधन और मानविकी के अलावा इसी विभाग के तहत चलने वाला अंग्रेजी व विदेशी भाषा विभाग भी अलग कर दिया जाएगा। इस योजना को विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
विश्वविद्यालय की योजना के मुताबिक, मानविकी विभाग में समाजशास्त्र व मनोविज्ञान विषय से जुड़े रोजगारपरक डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। यह सभी पाठ्यक्रम सेल्फ फाइनेंस मोड में चलेंगे। जल्द ही इनके लिए पद सृजित किए जाएंगे।
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इसी तरह अब तक आईटी विभाग से संचालित होने वाला एमसीए पाठ्यक्रम भी इस विभाग से अलग किया जाएगा। एमसीए के लिए अलग विभाग बनाया जाएगा। वहीं, सिविल इंजीनियरिंग विभाग का हिस्सा इन्वायरमेंटल साइंस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग का हिस्सा एनर्जी साइंस भी अलग होगा। इसके लिए सेंटर फार एनर्जी एंड इन्वायरमेंटल साइंस बनाया जाएगा।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई रोजगार परक पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए विभागों का विकेंद्रीकरण आवश्यक है। योजना बनाकर उसे विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड से स्वीकृत भी करा लिया गया है। विभागों को अलग करने के बाद उसमें संचालित होने वाले पाठ्यक्रम का निर्धारण भी कर दिया जाएगा।
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व्यवसाय प्रबंधन और मानविकी के अलावा इसी विभाग के तहत चलने वाला अंग्रेजी व विदेशी भाषा विभाग भी अलग कर दिया जाएगा। इस योजना को विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
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विश्वविद्यालय की योजना के मुताबिक, मानविकी विभाग में समाजशास्त्र व मनोविज्ञान विषय से जुड़े रोजगारपरक डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। यह सभी पाठ्यक्रम सेल्फ फाइनेंस मोड में चलेंगे। जल्द ही इनके लिए पद सृजित किए जाएंगे।
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इसी तरह अब तक आईटी विभाग से संचालित होने वाला एमसीए पाठ्यक्रम भी इस विभाग से अलग किया जाएगा। एमसीए के लिए अलग विभाग बनाया जाएगा। वहीं, सिविल इंजीनियरिंग विभाग का हिस्सा इन्वायरमेंटल साइंस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग का हिस्सा एनर्जी साइंस भी अलग होगा। इसके लिए सेंटर फार एनर्जी एंड इन्वायरमेंटल साइंस बनाया जाएगा।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई रोजगार परक पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए विभागों का विकेंद्रीकरण आवश्यक है। योजना बनाकर उसे विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड से स्वीकृत भी करा लिया गया है। विभागों को अलग करने के बाद उसमें संचालित होने वाले पाठ्यक्रम का निर्धारण भी कर दिया जाएगा।