फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Hooter will ring as soon as animal comes near farm message will come on mobile

Exclusive: खेत के पास जानवर के आते ही बजेगा हूटर, मोबाइल पर आएगा संदेश

Wed, 15 Mar 2023 03:33 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 15 Mar 2023 03:33 PM IST
सार

बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी के इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग के हर्ष कुमार मिश्रा, शिवम कुमार चौरसिया, आदित्य कसौधन और अनिल कुमार चौधरी ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित यंत्र को करीब एक माह में तैयार किया है। यंत्र की खासियत यह है कि यह जहां लगेगा, उसके 500 मीटर के दायरे में किसी पशु के आने पर तेज आवाज में हूटर बजाएगा।

विज्ञापन
Hooter will ring as soon as animal comes near farm message will come on mobile
हर्ष, शिवम, आदित्य और अनिल यंत्र के साथ। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

आप किसान हैं और जानवरों से फसल बचाने के लिए परेशान हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। बीटेक के चार छात्रों ने एक ऐसा यंत्र बनाया है जो आपके खेत के पास जानवर के आने पर हूटर बजाएगा। मोबाइल पर मैसेज भी देगा। हूटर तब तक बजेगा जब तक जानवर खेत से दूर नहीं चला जाएगा।

विज्ञापन


छात्रों ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर आधारित इस यंत्र का नाम फसल रक्षक रखा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस नवाचार को स्वीकृति दी है। एक लाख रुपये का प्रारंभिक अनुदान भी दिया है। इसे बनाने में 40 से 50 हजार रुपये की लागत आई है। छात्र लागत कम करने और सेंसर का दायरा बढ़ाने में जुटे हैं।
विज्ञापन


बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी के इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग के हर्ष कुमार मिश्रा, शिवम कुमार चौरसिया, आदित्य कसौधन और अनिल कुमार चौधरी ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित यंत्र को करीब एक माह में तैयार किया है। यंत्र की खासियत यह है कि यह जहां लगेगा, उसके 500 मीटर के दायरे में किसी पशु के आने पर तेज आवाज में हूटर बजाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें एक मोबाइल सिम लगी है, जिसमें 20 नंबर दर्ज किए जा सकते हैं। सभी नंबरों पर ‘अटेंशन प्लीज’ का मैसेज आएगा। इससे किसान सतर्क हो जाएंगे और पशु फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे। कॉलेज के निदेशक डॉ. दीपक अग्रवाल ने बताया कि नवाचार को पेटेंट कराने के लिए आवेदन किया गया है। पेटेंट होने के बाद बाजार में लाने के लिए यंत्र बनाया जाएगा।

पहचान के लिए जानवरों की हुई है कोडिंग
छात्रों ने पहचान के लिए फोटो के आधार पर जानवरों की कोडिंग की है। नीलगाय, गाय, भैंस, सांड आदि जानवरों के साथ ही कुछ पक्षियों का फोटो भी अपलोड किया गया है। जैसे ही ये जानवर खेत की तरफ बढ़ेंगे, सेंसर इन्हें पहचान लेगा।

इसे भी पढ़ें: सहजनवां में 10.43 करोड़ रुपये से बनेगा ग्रामीण स्टेडियम, शासन से मिली प्रस्ताव की मंजूरी


ये उपकरण प्रयोग में लगाए गए
सेंसर युक्त इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस, सोलर पैनल, बैटरी, बर्जर आदि।

गोरखपुर जिले में फसल की बुवाई का आंकड़ा

फसल रकबा (हेक्टेयर में)

गेहूं 1,92,000
धान 1,36,000
जौ  1697
तोरी 3134
सरसों 3464
अलसी 47
चना 380
मटर 2632
मसूर 1654

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed