फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Holi in 2002 Dharmendra Singh shot dead over a transaction dispute

UP: 11 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा ठेकेदार की हत्या का आरोपी सत्यपाल,हाईकोर्ट ने सुनाई थी आजीवन कारावास की सजा

Fri, 03 Nov 2023 12:31 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 03 Nov 2023 12:31 PM IST
सार

30 मार्च 2002 को सत्यपाल सिंह ने धर्मेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। 06 अक्तूबर 2004 में अपर सत्र न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में अपील की थी।

विज्ञापन
Holi in 2002 Dharmendra Singh shot dead over a transaction dispute
बाएं से आरोपी सत्यपाल और मृतक धर्मेंद्र। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर कैंट इलाके के रुस्तमपुर में होली के दिन ठेकेदार धर्मेंद्र सिंह की हत्या के आरोपी सत्यपाल सिंह उर्फ भोला सिंह को एसटीएफ व कैंट पुलिस ने बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से पुलिस ने एक तमंचा भी बरामद किया है। आरोपी को हाईकोर्ट ने 2012 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था।

विज्ञापन


सत्यपाल पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ ने उसे रेल म्युजियम के पास से पकड़ा। आरोपी पर कैंट पुलिस ने आर्म्स एक्ट का केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, गीडा के खानिमपुर गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह पुत्र प्रहलाद सिंह गांव के ही दोस्त सत्यपाल सिंह और अन्य लोगों के साथ ठेकेदारी करते थे। सभी ने सुलभ शौचालय बनवाने का काम लिया था। इसी दौरान रुपये के लेन-देन में विवाद हो गया। घटना वाले दिन धर्मेंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह के साथ बाइक से घर से निकले थे। रुस्तमपुर के पास दोनों में विवाद हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: तीसरी लाइन...अब गोंडा-बुढ़वल के बीच सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें, 734 करोड़ से होगा काम

आरोप है कि इसके बाद 30 मार्च 2002 को सत्यपाल सिंह ने धर्मेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। 06 अक्तूबर 2004 में अपर सत्र न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में अपील की थी।

हाईकोर्ट ने भी 12 दिसंबर 2012 को आजीवन कारावास की सजा को कायम रखा तो सत्यपाल फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में थी। बाद में पिपराइच थाने में उसके खिलाफ 2016 में रंगदारी मांगने का भी केस दर्ज किया गया। न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोपी भी बनाया गया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में छठ पूजा: घाट किनारे वेदी के लिए वसूली नहीं कर पाएंगे धंधेबाज... हटेंगे कब्जे

बाद में कोर्ट के आदेश पर उसके खिलाफ 12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ ने आरोपी को बुधवार की रात में गिरफ्तार कर लिया।

नेपाल में छिपा था , जमीन बेचने आया तो फंस गया जाल में

एसटीएफ के मुताबिक, फरारी के समय सत्यपाल सिंह ने नेपाल में अपना ठिकाना बना लिया था। वहीं पर अपना काम-धंधा भी फैलाने लगा था। वह गांव से पूरी तरह से कटना चाहता था और इसके लिए अपनी जमीन को बेचने का सौदा भी तय कर लिया था। इधर, पुलिस को इसकी जानकारी मिल गई थी कि वह रेलवे स्टेशन के पास टैक्सी से आने वाला है। एसटीएफ सतर्क हो गई और मुखबिर की सूचना पर पुलिस रेलवे चौकी से रेल म्युजियम के बीच में आरोपी को दबोच लिया गया। एसटीएफ गोरखपुर यूनिट प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि तलाशी में उसके पास से एक तमंचा भी मिला है।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर विश्वविद्यालय: विभागाध्यक्ष और शिक्षक में छुट्टी को लेकर रार, व्हाट्सएप पर की गुहार

रुपये ने डाल दी दोस्ती में दरार
गांव वालों ने बताया कि एक समय था, जब सत्यपाल सिंह व धर्मेंद्र सिंह अच्छे दोस्त थे। दोनों साथ में ही ठेका का काम भी करने लगे थे, लेकिन बाद में रुपयों के लेन-देन में दोनों के रिश्ते में खटास पड़ गई। बात इतनी बिगड़ी कि धर्मेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई। इस घटना का असर गांव के परिवार पर भी पड़ा। गांव में सत्यपाल सिंह की बुजुर्ग मां और भाई हैं, जो अक्सर इधर-उधर ही रहते हैं। कभी-कभार ही गांव में नजर आते हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed