'नासमझ लोग सीएम योगी पर ब्राह्मण विरोधी होने का लग रहे आरोप, उन्होंने कभी जातिवाद को नहीं दिया बढ़ावा'
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दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को उसके किए की जो सजा मिली यह सजा उसे पहले ही मिल जानी चाहिए थी। उसे सजा देर से मिली यही कारण था कि एक के बाद एक अपराध वह करता चला गया। दर्जनों ब्राह्मणों की हत्या उसने की थी।
पूर्व की सरकारों से उसे संरक्षण मिलता रहा यदि पहले ही पूर्व की सरकारों ने पुलिस के हाथ खोल दिए गए होते तो कानपुर के बिकरु गांव में 8 पुलिसकर्मियों को शहीद नहीं होना पड़ता। दुर्दांत अपराधी का अंत कर यूपी पुलिस ने सराहनीय कार्य किया हैं इसके लिए यूपी पुलिस की प्रशंसा की जानी चाहिए ।
यह कहना है हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष नरसिंह पांडेय का। वह शनिवार को नौतनवां में कार्यालय पर पत्रकारो से बातचीत किए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना सोचे समझे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज
पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं, यह उनकी नासमझी है।
सीएम योगी पर आरोप लगाने से पहले उनके बारे में सच्चाई जानलेनी चाहिए। आरोप लगाने वाले या तो नासमझ है या सच्चाई से काफी दूर हैं यदि उन्हें सच्चाई मालूम होती तो इस तरह का घिनौना आरोप एक अपराधी के मारे जाने पर नहीं लगाते। शायद उन्हें यह नहीं मालूम कि सीएम योगी ने कभी जातिवाद को बढ़ावा नहीं दिया, उनकी निगाह में समाज के सभी वर्ग के लोग एक समान है।
हम लोग करीब से उनके बारे में जानते हैं योगी पर आरोप लगाने वाले को शायद यह नहीं मालूम कि अपराधियों की कोई जात नहीं होती जिस दुर्दांत अपराधी के मारे जाने पर ब्राह्मणवाद के नाम पर लोग सोशल मीडिया पर चिल्ला रहे हैं, मैं उनसे यह पूछना चाहता हूं कि जिन दर्जनभर ब्राह्मणों की हत्याएं दुर्दांत अपराधी विकास दुबे ने किया था, क्या वह लोग ब्राह्मण नहीं थे।
उन ब्राह्मणों की विधवाओं की सुनी मांग उन्हें दिखाई नहीं दे रही है। उनके अनाथ हुए बच्चे उन्हें दिखाई नहीं दे रहे हैं यदि विरोध करने वाले ब्राह्मणों को दिखाई दे रहा है तो उन्हें अपना विरोध बंद कर योगी सरकार तथा यूपी पुलिस की प्रशंसा करनी चाहिए। विरोधियों को सोचना चाहिए कि इसके पूर्व सपा और बसपा की सरकार ने अपराधियों को पाला था।