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हाईकोर्ट ने इस गांव के प्रधान की प्रधानी को किया निरस्त, जानिए क्या है वजह
Sat, 19 Dec 2020 05:16 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती।
अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 19 Dec 2020 05:16 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत डेल्हापार प्रधान अब्दुल कादिर की प्रधानी निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि 13 दिसंबर 2015 में घोषित चुनाव परिणाम व निर्वाचन के समय प्रधान नाबालिग थे। उनके द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करते समय हाईस्कूल की मार्कशीट के अनुसार जन्मतिथि नहीं बताई गई थी।
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दरअसल, डेल्हापार निवासी मोहम्मद असलम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रधान के खिलाफ याचिका दायर किया था। उन्होंने न्यायालय को बताया कि नामांकन व चुनाव परिणाम के समय प्रधान अब्दुल कादिर की उम्र 21 साल से कम थी।
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चुनाव नामांकन तिथि 19 जनवरी 2015 के समय प्रस्तुत दस्तावेज परिवार रजिस्टर की नकल में उन्होंने जन्मतिथि 10 फरवरी 1991 बताया था। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अब्दुल के हाईस्कूल के अंकपत्र में जन्मतिथि 7 जुलाई 1995 दर्ज है।
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अंक पत्र के अनुसार तब अब्दुल की उम्र 20 साल चार महीने व 12 दिन ही थी। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर 15 दिसंबर 2020 को प्रधान अब्दुल पक्ष में घोषित चुनाव परिणाम व निर्वाचन अवैध को अवैध करार देते हुए निरस्त कर दिया। प्रधान अब्दुल ने बताया कि उन्होंने फैसले के खिलाफ जिला जज के यहां अपील किया है।