अयोध्या: इंडो-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट, आईजी का दावा- 'परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर'
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पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों के श्रीराम मंदिर भूमि पूजन से पहले अयोध्या में हमले के इनपुट मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मची है। ऐसे में इंडो नेपाल बॉर्डर पर खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी पैनी नजर गड़ा दी है।
शासन स्तर से नियुक्त प्रभारी एवं परिक्षेत्र के आईजी एके रॉय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि बुधवार शाम चार बजे से बार्डर से होकर आवागमन करने वालों की सघन चेकिंग शुरू कर दी गई है। अयोध्या में पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के दृष्टिगत रेंज पुलिस हाई अलर्ट पर है।
रेंज की सीमा से लगी 68 किमी बार्डर की निगहबानी बढ़ा दी गई है। आईजी के मुताबिक फिलहाल आवागमन रोकने की योजना नहीं है लेकिन व्यक्तियों और वाहनों को बिना जांच के आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
मॉनिटरिंग हुई तेज
कई स्तर पर मॉनिटरिंग के साथ सैटेलाइट के जरिए भी बॉर्डर पर नजर रखी जा रही है। एसएसबी, आईबी और स्थानीय अभिसूचना इकाई को एक्टिव रखा गया है। सोशल मीडिया की गतिविधियों की उच्च स्तरीय निगरानी भी की जा रही है। अयोध्या से सटे इलाकों में तेज-तर्रार अफसरों और इंस्पेक्टर/एसआई की तैनाती कर पर्यवेक्षण में अचूक सुरक्षा इंतजाम किया जा रहा है।
अभेद होगी व्यवस्था
पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आने से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस अचूक सुरक्षा घेरा बनाने में जुटी है। इस कड़ी में अयोध्या के आसपास के जिलों में भी ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि कहीं से परिंदा भी पर न मार सके। सुरक्षा का अभेद किला बनाने के लिए अनुभव को वरीयता दी जा रही है।