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गोरखपुर: नियमित टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग भेजेगा बुलावा पर्ची, विभाग ने बनाई रणनीति
Wed, 01 Dec 2021 02:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 01 Dec 2021 02:48 PM IST
सार
मिशन निदेशक ने पत्र भेज कर सभी सीएमओ को दिए दिशा-निर्देश, नियमित टीकाकरण की सफलता के लिए विभाग ने बनाई रणनीति।
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कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : PTI
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विस्तार
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम (आरआई) को और मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लाभार्थियों को बुलावा पर्ची भेजेगा। इस संबंध में मिशन निदेशक अर्पणा उपाध्याय ने सभी सीएमओ को पत्र भेज कर दिशा निर्देश दिया है। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग इस काम में जुट गया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि कोविड टीकाकरण के साथ नियमित टीकाकरण कार्यक्रम भी सुचारु तौर पर चलाना विभाग की प्राथमिकता में है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्रों पर माइक्रोप्लान की प्रति उपलब्ध कराई जा रही है। सूत्रों का संचालन सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक किया जाएगा, जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लाभार्थी जोड़े जा सकें।
नियमित टीकाकरण सत्र दिवस से पहले ही आशा कार्यकर्ता अथवा लिंक वर्कर के जरिए लाभार्थियों के बीच बुलावा पर्ची का वितरण करवाया जाएगा। साथ ही स्थानीय धर्म स्थल से भी एलान करवाया जाएगा। अगर सत्र स्थल में कोई बदलाव होता है तो इसकी भी सूचना दी जाएगी। बताया कि मिशन निदेशक स्तर से 18 बिंदुओं का दिशा-निर्देश प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ब्लॉक रिस्पांस टीम (बीआरटी) भी बनाई जा रही है, जो टीकाकरण विरोधी समुदायों और परिवारों को मोबिलाइज करेगी।
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पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक बार
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक बार का नारा दोहराते हुए लोगों से अपील की कि गर्भवती महिलाओं के लिए टीडी 1, टीडी 2 व टीडी बूस्टर, बच्चे के जन्म के समय ओपीवी 0, हेपेटाइटिस बी बर्थ डोज, बीसीजी, जन्म के छह सप्ताह के भीतर ओपीवी 1, रोटा 1, एफआईपीवी 1, पेंटावैलेंट1 व पीसीवी 1, 10 सप्ताह के भीतर ओपीवी 2, रोटा 2, पेंटावैलेंट 2, 14 सप्ताह के भीतर ओपीवी 3, रोटा 3, एफआईपीवी 2, पेंटावैलेंट 3, पीसीवी 2, 9 से 12 महीने के बीच एमआर1, जेई 1, पीसीवी बी, 16 से 24 महीने के बीच ओपीवी बी, डीपीटी बी 1, एमआर 2, जेई टू, 5 से 6 साल के बीच डीपीटी बी 2, 10 साल की उम्र पर टीडी और 16 साल की उम्र पर लगने वाला टीडी टीका स्वास्थ्य विभाग निशुल्क उपलब्ध कराता है। आवश्यकता है कि लोग टीकाकरण के महत्व को समझें और इसके लिए स्वयं भी आगे आएं।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि कोविड टीकाकरण के साथ नियमित टीकाकरण कार्यक्रम भी सुचारु तौर पर चलाना विभाग की प्राथमिकता में है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्रों पर माइक्रोप्लान की प्रति उपलब्ध कराई जा रही है। सूत्रों का संचालन सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक किया जाएगा, जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लाभार्थी जोड़े जा सकें।
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नियमित टीकाकरण सत्र दिवस से पहले ही आशा कार्यकर्ता अथवा लिंक वर्कर के जरिए लाभार्थियों के बीच बुलावा पर्ची का वितरण करवाया जाएगा। साथ ही स्थानीय धर्म स्थल से भी एलान करवाया जाएगा। अगर सत्र स्थल में कोई बदलाव होता है तो इसकी भी सूचना दी जाएगी। बताया कि मिशन निदेशक स्तर से 18 बिंदुओं का दिशा-निर्देश प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ब्लॉक रिस्पांस टीम (बीआरटी) भी बनाई जा रही है, जो टीकाकरण विरोधी समुदायों और परिवारों को मोबिलाइज करेगी।
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पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक बार
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक बार का नारा दोहराते हुए लोगों से अपील की कि गर्भवती महिलाओं के लिए टीडी 1, टीडी 2 व टीडी बूस्टर, बच्चे के जन्म के समय ओपीवी 0, हेपेटाइटिस बी बर्थ डोज, बीसीजी, जन्म के छह सप्ताह के भीतर ओपीवी 1, रोटा 1, एफआईपीवी 1, पेंटावैलेंट1 व पीसीवी 1, 10 सप्ताह के भीतर ओपीवी 2, रोटा 2, पेंटावैलेंट 2, 14 सप्ताह के भीतर ओपीवी 3, रोटा 3, एफआईपीवी 2, पेंटावैलेंट 3, पीसीवी 2, 9 से 12 महीने के बीच एमआर1, जेई 1, पीसीवी बी, 16 से 24 महीने के बीच ओपीवी बी, डीपीटी बी 1, एमआर 2, जेई टू, 5 से 6 साल के बीच डीपीटी बी 2, 10 साल की उम्र पर टीडी और 16 साल की उम्र पर लगने वाला टीडी टीका स्वास्थ्य विभाग निशुल्क उपलब्ध कराता है। आवश्यकता है कि लोग टीकाकरण के महत्व को समझें और इसके लिए स्वयं भी आगे आएं।