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पकड़े जाने से पहले मोबाइल कर दिया फॉर्मेट, पाकिस्तान में इस्तेमाल होने लगा था हनीफ का नंबर
Tue, 25 Aug 2020 10:51 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 25 Aug 2020 10:51 AM IST
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एटीएस की जांच में पता चला है कि गिरफ्त में आने से पहले हनीफ ने अपना मोबाइल फोन फार्मेट कर दिया था। इस कारण फोन का सारा डाटा गायब हो गया है। इसीलिए पूछताछ में आईएसआई के लिए काम करने की बात कबूलने के बाद भी कोई ठोस साक्ष्य न मिलने की वजह से दो दिन बाद एटीएस को उसे छोड़ना पड़ा। फिलहाल उसकी निगरानी की जा रही है।
गोरखपुर में हनीफ ने जिस नए सिम को खरीदा था उसका नंबर आईएसआई के लोग व्हाट्सएप पर इस्तेमाल करने लगे थे। उसकी मदद से कई लोगों से संपर्क करने की कोशिश की गई। इसके बाद ही हनीफ डर गया और बातचीत कम कर दी थी।
एक फोटो भेजने पर मिलते थे पांच हजार
एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि एक फोटो भेजने पर हनीफ को आईएसआई की ओर से पांच हजार रुपये दिए जाते थे। शक है कि उसके रिश्तेदारों को भी इसकी जानकारी थी। वह सीधे अपने खाते में रुपये न लेकर रिश्तेदारों की मदद से रुपये लेता था।
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एटीएस एडीजी डीके ठाकुर ने कहा कि गोरखपुर के एक युवक को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया है। नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में पता लगाने के लिए विशेष ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बहुत जल्द ही इसका नतीजा सामने आएगा, निगरानी जारी है।
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गोरखपुर में हनीफ ने जिस नए सिम को खरीदा था उसका नंबर आईएसआई के लोग व्हाट्सएप पर इस्तेमाल करने लगे थे। उसकी मदद से कई लोगों से संपर्क करने की कोशिश की गई। इसके बाद ही हनीफ डर गया और बातचीत कम कर दी थी।
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एक फोटो भेजने पर मिलते थे पांच हजार
एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि एक फोटो भेजने पर हनीफ को आईएसआई की ओर से पांच हजार रुपये दिए जाते थे। शक है कि उसके रिश्तेदारों को भी इसकी जानकारी थी। वह सीधे अपने खाते में रुपये न लेकर रिश्तेदारों की मदद से रुपये लेता था।
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एटीएस एडीजी डीके ठाकुर ने कहा कि गोरखपुर के एक युवक को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया है। नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में पता लगाने के लिए विशेष ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बहुत जल्द ही इसका नतीजा सामने आएगा, निगरानी जारी है।