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Gorakhpur News: जीएसटी की टीम ने रेलवे स्टेशन से जब्त किए 21 पेटी सामान
Tue, 17 Oct 2023 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 17 Oct 2023 02:01 AM IST
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गोरखपुर। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की टीम ने सोमवार को रेलवे स्टेशन परिसर से 21 पेटी अवैध सामान जब्त किया है। टीम को सूचना मिली थी कि एक बोगी में अवैध तरीके से सामान लाया जा रहा है। इस बोगी में रखे गए सामान की जीएसटी या ई-वे बिल के द्वारा भुगतान नहीं किया गया है। टीम को एक बोगी बुक मिली, लेकिन इसका दावेदार नहीं मिला।
जीएसटी ग्रेड वन कमिश्नर विमल कुमार राय व एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-दो देवमणि शर्मा के निर्देशन में सचल दल की टीमें सुबह सात बजे रेलवे स्टेशन पहुंचीं। दोपहर तक चली जांच के दौरान टीम को बिना कागज के ही 21 पेटी सामान मिला, जिसे टीम ने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा रेलवे की एक बोगी भी मिली।
दरअसल, रेलवे की बोगी पार्सल के रूप में बुकिंग के दौरान नियम होता है कि जिसके नाम पर या फर्म पर बुकिंग होती है, उसके सामने ही बोगी को खाला जाता है। इसके अंदर के सामान को उसे सुपुर्द किया जाता। जीएसटी की टीम सूचना पर मौके पर पहुंची तो बोगी जिसके नाम पर बुक की गई थी, वह नहीं मिला।
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बुकिंग वाले नाम के व्यक्ति के सामने बोगी खोले जाने पर सहमति बनी। ज्वाइंट कमिश्नर विवेक सिंह ने बताया कि 21 पेटी सामान जब्त करने के अलावा एक बोगी को भी रेलवे को सौंप दिया गया है। जिस नाम पर बुकिंग है, उसी के सामने इसे खोला जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- अधिकारियों को भी जीएसटी भरने का दिया गया प्रशिक्षण
गोरखपुर। वस्तु एवं सेवा कर विभाग की तरफ से सभी सरकारी विभाग को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें भी जीएसटी जमा करने के तरीके को समझाया गया। जीएसटी डीसी प्रशासन विधु शेखर ने बताया कि सरकारी विभाग अलग-अलग कामों का भुगतान करता है। इसमें निर्माण के साथ अन्य काम भी होते हैं।
इन भुगतान के दौरान उन्हें दो प्रतिशत जीएसटी कटौती करने के साथ ही जमा करवाए गए जीएसटी का रिटर्न दाखिल करना होता है। ये सभी सरकारी विभाग के लिए अनिवार्य होता है। लेकिन, पिछले दिनों अलग-अलग जगहों से शिकायतें मिली कि इस भुगतान को जमा करवाने और खुद जीएसटी जमा करने में अधिकारी लापरवाही करते हैं। इन्हीं बारीकियों को समझाने के लिए जीएसटी की तरफ से गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। संवाद
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जीएसटी ग्रेड वन कमिश्नर विमल कुमार राय व एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-दो देवमणि शर्मा के निर्देशन में सचल दल की टीमें सुबह सात बजे रेलवे स्टेशन पहुंचीं। दोपहर तक चली जांच के दौरान टीम को बिना कागज के ही 21 पेटी सामान मिला, जिसे टीम ने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा रेलवे की एक बोगी भी मिली।
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दरअसल, रेलवे की बोगी पार्सल के रूप में बुकिंग के दौरान नियम होता है कि जिसके नाम पर या फर्म पर बुकिंग होती है, उसके सामने ही बोगी को खाला जाता है। इसके अंदर के सामान को उसे सुपुर्द किया जाता। जीएसटी की टीम सूचना पर मौके पर पहुंची तो बोगी जिसके नाम पर बुक की गई थी, वह नहीं मिला।
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बुकिंग वाले नाम के व्यक्ति के सामने बोगी खोले जाने पर सहमति बनी। ज्वाइंट कमिश्नर विवेक सिंह ने बताया कि 21 पेटी सामान जब्त करने के अलावा एक बोगी को भी रेलवे को सौंप दिया गया है। जिस नाम पर बुकिंग है, उसी के सामने इसे खोला जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- अधिकारियों को भी जीएसटी भरने का दिया गया प्रशिक्षण
गोरखपुर। वस्तु एवं सेवा कर विभाग की तरफ से सभी सरकारी विभाग को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें भी जीएसटी जमा करने के तरीके को समझाया गया। जीएसटी डीसी प्रशासन विधु शेखर ने बताया कि सरकारी विभाग अलग-अलग कामों का भुगतान करता है। इसमें निर्माण के साथ अन्य काम भी होते हैं।
इन भुगतान के दौरान उन्हें दो प्रतिशत जीएसटी कटौती करने के साथ ही जमा करवाए गए जीएसटी का रिटर्न दाखिल करना होता है। ये सभी सरकारी विभाग के लिए अनिवार्य होता है। लेकिन, पिछले दिनों अलग-अलग जगहों से शिकायतें मिली कि इस भुगतान को जमा करवाने और खुद जीएसटी जमा करने में अधिकारी लापरवाही करते हैं। इन्हीं बारीकियों को समझाने के लिए जीएसटी की तरफ से गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। संवाद