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गोरखपुर: राज्यपाल आनंदी बेन बोली, 'गोरक्षभूमि पर पहला आयुष विश्वविद्यालय खुलना प्रदेश के लिए गर्व की बात'

Sat, 28 Aug 2021 05:53 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 28 Aug 2021 05:53 PM IST
सार

राज्यपाल ने कहा, विश्वविद्यालय की स्थापना से मिलेगा आयुष में शोध को बढ़ावा

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Governor Anandi ben Patel said Research in AYUSH will get boost from establishment of university
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि गोरक्षभूमि पर पहला आयुष विश्वविद्यालय खुलना पूरे प्रदेश के लिए सौभाग्य और गर्व की बात है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से आयुष पद्धतियों में शोध को बढ़ावा मिलेगा।

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शनिवार को महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के शिलान्यास और भूमि पूजन के मौके पर राज्यपाल ने कहा कि पूरी दुनिया में भारत अपनी जिन विशिष्टताओं के लिए पहचाना जाता है उनमें यहां जन्मी और विकसित हुई योग परंपरा बहुत महत्वपूर्ण है। गुरु गोरखनाथ द्वारा प्रवर्तित योग एवं योग परम्परा की प्राचीन पीठ होने के कारण आज भी गोरखनाथ मंदिर इसका वाहक है। आयुष विश्वविद्यालय बन जाने से प्रदेश के 12 अलग अलग विश्वविद्यालयों से संबद्ध 94 आयुष महाविद्यालयों के छात्रों को पाठ्यक्रम व सत्र नियमन के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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योग पूरी दुनिया के लिए भारत की तरफ से अनमोल धरोहर
राज्यपाल ने कहा कि योग पूरी दुनिया के लिए भारत की तरफ से अनमोल धरोहर है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सिद्धान्तों पर आधारित आयुर्वेद विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है। आयुर्वेद के प्राचीनतम ग्रन्थों में चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और अष्टाङ्ग हृदयम प्रमुख हैं।
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पूरे विश्व मे आयुष की लोकप्रियता में वृद्धि हो रही है, लेकिन प्राचीन व पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों में अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार शोध के लिए उत्तर प्रदेश में कोई संस्थान नहीं था। अब आयुष विश्वविद्यालय के जरिये ऐसा शोध हो सकेगा और जनहित में यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है।

 

स्वास्थ्य सिर्फ बीमारी से मुक्ति नहीं, आर्थिक ताने-बाने को करता है प्रभावित

राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सिर्फ बीमारी से मुक्ति का अभियान नहीं है। यह आर्थिक, सामाजिक ताने बाने को भी प्रभावित करता है। देश की 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। जितनी आबादी स्वस्थ होगी, राष्ट्र उतना ही सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने के साथ ही उन बातों पर भी ध्यान दिया जिससे बीमारी के कारणों पर रोकथाम हो। स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, सुपोषण मिशन आदि इसके उदाहरण हैं।

कई विभूतियों का कर्मक्षेत्र रहा है गोरखपुर अंचल
राज्यपाल ने कहा कि यह एक ऐसा अंचल है जिसे भगवान बुद्ध, गुरु गोरखनाथ, संतकबीर, गीता प्रेस के संस्थापक हनुमान प्रसाद पोद्दार और कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के कर्मक्षेत्र होने का सौभाग्य प्राप्त है। यह विश्व को गणतंत्र देने वाला अंचल है और चौरीचौरा व बिस्मिल जैसे स्वाधीनता के पुण्य प्रतीकों वाला भी अंचल है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण शीघ्रता से पूरा होगा जिससे पूर्वांचल के लोग लाभान्वित हो सकें। शिलान्यास समारोह के प्रारम्भ में राज्य के आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी ने आयुष विश्वविद्यालय की प्रस्तावना प्रस्तुत की।

 

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