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दोहरी नागरिकता वालों की कुंडली तैयार कर रही सरकार, 70 लोग रडार पर
Mon, 20 Jan 2020 06:19 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, दिनेश जायसवाल (महराजगंज)।
डिजिटल न्यूज डेस्क, दिनेश जायसवाल (महराजगंज)।
Published by: विजय जैन
Updated Mon, 20 Jan 2020 06:19 PM IST
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भारत-नेपाल सीमा।
- फोटो : अमर उजाला
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भारत-नेपाल के बीच सदियों से पुराने रोटी-बेटी के रिश्ते की आड़ में हित साधने वालों की अब खैर नहीं है। नेपाल सरकार के बाद अब भारत सरकार ने अब ऐसे लोगों की कुंडली तैयार कर रही है। जिन्होंने भारत और नेपाल दोनों देश की दोहरी नागरिकता ले रखी है। भारत में नागरिकता संशोधन कानून के बाद भारत सरकार के निर्देश पर पुलिस और खुफिया विभाग दोहरी नागरिकता पर काफी सख्त हो गई है। भारत सरकार ने आपसी सहयोग से गुप्तचर विभाग के अधिकारियों को ऐसे संदिग्ध लोगों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है जिन्होंने दोनों देशों की नागरिकता ली हो अथवा जिन्होंने फर्जी दस्तावेज के सहारे नागरिकता हासिल की हो।
भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा के चलते सामाजिक और व्यापारिक संबंध वर्षो से कायम हैं। इसका लाभ लेकर सीमावर्ती भारत और नेपाल के सभी जिलों के बड़ी संख्या में लोगों ने दोनों देश की भी नागरिकता ले ली है। जिसमे नेपाली मूल के लोगों का भी है। वहां के अनेक लोग भारत में भी जमीन जायदाद खरीदकर यहां की नागरिकता हासिल कर चुके हैं। अब स्थिति यह है कि दोहरी नागरिकता वाले लोग दोनों देशों में वोट देने के साथ ही अन्य लाभ ले रहे हैं। इसी को रोकने के लिए नेपाल सरकार अभियान चलाकर दोहरी नागरिकता वाले लोगों को चिन्हित कर रही है। यही हाल अब भारत में होने जा रहा है। करीब 70 लोग नेपाली सुरक्षा एजेंसी के रडार पर हैं।
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भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा के चलते सामाजिक और व्यापारिक संबंध वर्षो से कायम हैं। इसका लाभ लेकर सीमावर्ती भारत और नेपाल के सभी जिलों के बड़ी संख्या में लोगों ने दोनों देश की भी नागरिकता ले ली है। जिसमे नेपाली मूल के लोगों का भी है। वहां के अनेक लोग भारत में भी जमीन जायदाद खरीदकर यहां की नागरिकता हासिल कर चुके हैं। अब स्थिति यह है कि दोहरी नागरिकता वाले लोग दोनों देशों में वोट देने के साथ ही अन्य लाभ ले रहे हैं। इसी को रोकने के लिए नेपाल सरकार अभियान चलाकर दोहरी नागरिकता वाले लोगों को चिन्हित कर रही है। यही हाल अब भारत में होने जा रहा है। करीब 70 लोग नेपाली सुरक्षा एजेंसी के रडार पर हैं।
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सशस्त्र सीमा बल रूपनदेही डीएसपी मान बहादुर शाही ने बताया कि दोहरी नागरिकता वाले लोगों की जांच के लिए टीम बनाई गई है। उनकी सूची तैयार की जा रही है। ऐसे कुछ लोग चिन्हित भी किए गए हैं। इस बाबत भारत सरकार से सहयोग लेकर ऐसे लोगों के बारे में जानकारी एकत्रित की जा रही है।
क्षेत्राधिकारी नौतनवां राजू कुमार साव ने कहा किभारत व नेपाल दोनों देशों की नागरिकता लेना गलत है। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई किया जाता है। जहां तक दोनों देशों की मतदाता सूची में नाम होने की बात है तो यह भी जांच के दायरे में हैं। यदि जांच में ऐसे लोग पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई के साथ ही स्थानीय जिम्मेदार लोग भी बक्से नहीं जाएंगे।
चुनाव को भी करते हैं प्रभावित
सीमावर्ती जिलों में रह रहे दोहरी नागरिकता वाले दोनों देशों के तकरीबन 50 हजार लोग दोनों देशों में होने वाले छोटे-बड़े चुनाव को भी प्रभावित करते हैं। खुली सीमा के चलते इस कार्य में उन्हें बहुत मुश्किल भी नहीं होती है।
क्षेत्राधिकारी नौतनवां राजू कुमार साव ने कहा किभारत व नेपाल दोनों देशों की नागरिकता लेना गलत है। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई किया जाता है। जहां तक दोनों देशों की मतदाता सूची में नाम होने की बात है तो यह भी जांच के दायरे में हैं। यदि जांच में ऐसे लोग पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई के साथ ही स्थानीय जिम्मेदार लोग भी बक्से नहीं जाएंगे।
चुनाव को भी करते हैं प्रभावित
सीमावर्ती जिलों में रह रहे दोहरी नागरिकता वाले दोनों देशों के तकरीबन 50 हजार लोग दोनों देशों में होने वाले छोटे-बड़े चुनाव को भी प्रभावित करते हैं। खुली सीमा के चलते इस कार्य में उन्हें बहुत मुश्किल भी नहीं होती है।
तीन जिले सबसे अधिक प्रभावित
नेपाल का रुपंदेही, नवलपरासी व कपिलवस्तु जिले में दोहरी नागरिकता वाले लोगों की भरमार है। यही हाल भारत के सोनौली, नौतनवां, ठूठीबारी, बरगदवां, निचलौल आदि कस्बों का है। अकेले नौतनवां के पहाड़ी मुहल्ला, नया गांव में बड़ी संख्या में नेपाली मूल के लोग रहते हैं।
चार सौ नेपाली नागरिकों की नागरिकता रद्द हुई थी
नेपाल में दोहरी और फर्जी नागरिकता लेने वालों पर शिकंजा कसता जा रहा है। 1997 की नागरिकता टोली में मिली अनियमितता के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने नवलपरासी में नेपाली नागरिकता देने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद एक मई को नवलपरासी के चार सौ नेपाली नागरिकों की नागरिकता रद्द कर दी गई।
आब्रजन अधिकारी राधवेंद्र सिह ने बताया कि सीमा पर बहुत लोग दोहरी नागरिकता ले रखे हैं। दोनों देश का लाभ ले रहे हैं। हम किसी के घर की तलासी नहीं ले सकते। सामने पकड़े जाने पर छोड़ा भी नहीं जाता। भारत नेपाल के ऐसे बहुत लोग हैं। जिन्हें कानून की जानकारी नहीं है। भारत सरकार बहुत मित्र देशों को कई तरह की छूट दे रखा है। जैसे बीजा ई बीजा तिमाही और छमाही इसी तरह नेपाली नागरिकों को बीजा फ्री है। उन्हें आधार पैन बनाकर नौकरी करने व्यवसाय करने की इजाजत देता है।
चार सौ नेपाली नागरिकों की नागरिकता रद्द हुई थी
नेपाल में दोहरी और फर्जी नागरिकता लेने वालों पर शिकंजा कसता जा रहा है। 1997 की नागरिकता टोली में मिली अनियमितता के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने नवलपरासी में नेपाली नागरिकता देने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद एक मई को नवलपरासी के चार सौ नेपाली नागरिकों की नागरिकता रद्द कर दी गई।
आब्रजन अधिकारी राधवेंद्र सिह ने बताया कि सीमा पर बहुत लोग दोहरी नागरिकता ले रखे हैं। दोनों देश का लाभ ले रहे हैं। हम किसी के घर की तलासी नहीं ले सकते। सामने पकड़े जाने पर छोड़ा भी नहीं जाता। भारत नेपाल के ऐसे बहुत लोग हैं। जिन्हें कानून की जानकारी नहीं है। भारत सरकार बहुत मित्र देशों को कई तरह की छूट दे रखा है। जैसे बीजा ई बीजा तिमाही और छमाही इसी तरह नेपाली नागरिकों को बीजा फ्री है। उन्हें आधार पैन बनाकर नौकरी करने व्यवसाय करने की इजाजत देता है।