माफिया सुधीर सिंह के आवास पर जड़ा गया सरकारी ताला, एक माह पहले हुआ था कुर्की का आदेश
दो घंटे पहले ही लग गई थी माफिया को भनक
आवास में नहीं मौजूद था कोई सामान
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गोरखपुर जिले के पिपरौली के ब्लॉक प्रमुख व माफिया सुधीर सिंह के शाहपुर इलाके में एल्युमिनियम फैक्ट्री स्थित आवास पर शुक्रवार को सरकारी ताला जड़ दिया गया। माफिया की संपत्ति कुर्क करने का आदेश पहले ही हो गया था, लेकिन गाड़ी के नंबर में गलती के चलते कार्रवाई में देरी हुई।
हालांकि माफिया को कार्रवाई की भनक दो घंटे पहले ही लग गई थी, इसीलिए जब पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची तो मकान में कोई खास सामान मौजूद नहीं मिला। जो सामान बचा था, उसे टीम ने आवास के अंदर रखवा कर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक, माफिया सुधीर सिंह पर करीब 20 मुकदमे दर्ज हैं। कुर्की के आदेश के बाद सुधीर सिंह को जिला बदर कर दिया गया है। वह छह महीने तक गोरखपुर की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। कुछ दिन पहले ही गोरखपुर पुलिस ने सुधीर को देवरिया पुलिस की निगरानी में सौंपा था।
अब शहरी क्षेत्र का आवास प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से बदमाशों का हौसला पस्त किया जा सकेगा। वह गलत तरीके से कमाई करने से डरेंगे। गलत काम करने से पहले घर, परिवार की चिंता करेंगे। आवास पर सरकारी ताला बंद करने वाली टीम में अपर न्यायिक तहसीलदार सुनीता गुप्ता, कानूनगो घनश्याम शुक्ला और शाहपुर थाने के पुलिस कर्मी शामिल रहे।
जिला बदर होने के बाद कार्रवाई
कुर्की का आदेश बीते सितंबर में जारी हुआ था। फिर भी सुधीर अपने आवास में रहता था। बीते सात दिसंबर को उसे जिला बदर किया गया, फिर जाकर प्रशासन ने कुर्की की कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई को अमलीजामा पहनाने में भी 10 दिन से ज्यादा का समय लग गया।
कार्रवाई में शुरू से ही हुई लापरवाही
माफिया सुधीर के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस व प्रशासन की लापरवाही सामने आ चुकी है। बीते सितंबर में जब कुर्की का आदेश जारी हुआ तो माफिया की जगह ट्रांसपोर्टर सुधीर सिंह के वाहनों को जब्त कर लिया गया। ट्रांसपोर्टर अब भी वाहनों को छुड़वाने के लिए भटक रहे हैं। उधर, जब यह कार्रवाई हुई, तब माफिया अपने वाहनों से घूम रहा था।
तहसीलदार न्यायिक सदर सुनीता गुप्ता ने कहा कि सितंबर में ही कुर्की का आदेश हुआ था। शुक्रवार को जब टीम कार्रवाई के लिए उसके आवास पर पहुंची तो सिर्फ सोफा व बेड बचा था। घर में परिवार के लोग थे, जो जरूरी सामान लेकर गए हैं। आवास को कुर्क कर दिया गया है। जल्द ही रिपोर्ट डीएम कोर्ट को उपलब्ध कराई जाएगी।