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विश्व गैंडा दिवस: हर और गौरी को भा रहा गोरखपुर का माहौल, चिड़ियाघर बन सकता है गैंडा प्रजनन केंद्र

Thu, 22 Sep 2022 10:30 AM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 22 Sep 2022 10:30 AM IST
सार

पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि विश्व गैंडा दिवस के मौके पर परिसर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ बच्चों को गैंडे के बाड़े के पास ले जाकर उन्हें जानकारी दी जाएगी। प्रदेश में अभी तक कानपुर प्राणी उद्यान में एक मादा गैंडा मानू और उसके दो नर बच्चे पवन और कृष्णा ही थे।

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Gorakhpur Zoo can become rhinoceros breeding center
गोरखपुर प्राणी उद्यान में गैंडा हर और गौरी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान आने वाले दिनों में गैंडा प्रजनन केंद्र के तौर पर स्थापित हो सकता है। असम चिड़ियाघर से लाए गए गैंडे, हर और गौरी को यहां का माहौल भाने लगा है। गुवाहाटी के जिस पार्क में ये थे, वहां इन्हें वेटलैंड की घास खाने को मिलती थी। ऐसे में इन्हें चिडियाघर में ही बने 30 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के वेटलेंड से घास खाने को दी जा रही है। प्रबंधन भी अनुकूल माहौल और बेहतर खानपान देखते हुए उम्मीद जता रहा है कि अब चिड़ियाघर प्रजनन केंद्र के तौर पर स्थापित हो सकता है।

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22 सितंबर को विश्व गैंडा दिवस के रूप में मनाया जाता है। चिड़ियाघर प्रबंधन पहली बार इसे मनाएगा। 19 मार्च 2022 को असम चिड़ियाघर से दोनों गैंडों को लाया गया था। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि विश्व गैंडा दिवस के मौके पर परिसर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ बच्चों को गैंडे के बाड़े के पास ले जाकर उन्हें जानकारी दी जाएगी। बताया कि प्रदेश में अभी तक कानपुर प्राणी उद्यान में एक मादा गैंडा मानू और उसके दो नर बच्चे पवन और कृष्णा ही थे।
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इन दोनों गैंडों के आ जाने के बाद प्रदेश में गैंडों की संख्या कुल पांच हो गई है। लखनऊ चिड़ियाघर में एक भी गैंडा नहीं है। प्रजनन केंद्र स्थापित होने के बाद गोरखपुर चिड़ियाघर से देश के दूर दराज चिड़ियाघरों में वन्य जीव हस्तानांतरण प्रक्रिया अपनाई जा सकेगी। इसके तहत एक महत्वपूर्ण वन्य जीव देकर दूसरे राज्य या देश के वन्य क्षेत्र से दूसरे वन्य जीव लाए जा सकेंगे।
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बताया कि चिड़ियाघर में गैंडों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल मंगाया जा सका। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चार गैंडों की मांग की थी, जिनमें एक नर और एक मादा गैंडा लखनऊ और एक-एक नर व मादा गैंडे गोरखपुर प्राणी उद्यान के लिए मांगे थे। चार में से दो गैंडे ही मिल सके थे जो गोरखपुर चिड़ियाघर लाए गए थे।

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