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कोरोना से जंग: गोरखपुर के युवा वैज्ञानिक ने तैयार किया नेचुरल मास्क, हवा से सीधे ऑक्सीजन बनाएगी ये खास डिवाइस
Sat, 01 May 2021 06:08 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 01 May 2021 06:08 PM IST
सार
राहुल ने इसका नाम नेचुरल ऑक्सीजन मास्क रखा है। मास्क की कीमत भी ज्यादा नहीं है। 18 साल तक के बच्चों के लिए इसका दाम 500 रुपये और इससे अधिक उम्र के लिए 800 रुपये होगा।
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राहुल सिंह ने तैयार किया नेचुरल मास्क।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
देशभर में ऑक्सीजन संकट के के वक्त युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह का नवाचार बड़ी राहत दे सकता है। राहुल ने दावा किया है कि उन्होंने ऑक्सीजन की जरूरत को महसूस करते हुए एक ऐसा मास्क बनाया है कि जो हवा से ऑक्सीजन बनाएगा।
राहुल ने इसका नाम नेचुरल ऑक्सीजन मास्क रखा है। मास्क की कीमत भी ज्यादा नहीं है। 18 साल तक के बच्चों के लिए इसका दाम 500 रुपये और इससे अधिक उम्र के लिए 800 रुपये होगा।
यह ऑक्सीजन का ठीक स्तर बनाए रखने में भी मददगार होगा। मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के इनोवेशन सेंटर से जुड़े राहुल सिंह बताते हैं कि इस मास्क को बनाने के लिए उन्होंने ऐसा डिवाइस बनाया है, जो प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन तैयार करता है।
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मोबाइल फोन के आकार के इस डिवाइस को कोई भी अपनी जेब में आसानी से रख सकता है। जब कभी भी ऐसा लगे कि ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है तो डिवाइस में लगी बटन को ऑन करके और उससे जुड़े पाइप की पिन को मास्क में फंसाकर लेवल को गिरने से रोका जा सकता है।
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राहुल ने इसका नाम नेचुरल ऑक्सीजन मास्क रखा है। मास्क की कीमत भी ज्यादा नहीं है। 18 साल तक के बच्चों के लिए इसका दाम 500 रुपये और इससे अधिक उम्र के लिए 800 रुपये होगा।
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यह ऑक्सीजन का ठीक स्तर बनाए रखने में भी मददगार होगा। मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के इनोवेशन सेंटर से जुड़े राहुल सिंह बताते हैं कि इस मास्क को बनाने के लिए उन्होंने ऐसा डिवाइस बनाया है, जो प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन तैयार करता है।
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मोबाइल फोन के आकार के इस डिवाइस को कोई भी अपनी जेब में आसानी से रख सकता है। जब कभी भी ऐसा लगे कि ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है तो डिवाइस में लगी बटन को ऑन करके और उससे जुड़े पाइप की पिन को मास्क में फंसाकर लेवल को गिरने से रोका जा सकता है।
अनुमति मिले तो मास्क तैयार करके बाजार में उपलब्ध करा दें
राहुल ने बताया कि इस डिवाइस में उन्होंने एक चिप लगाई है जिससे कहीं भी यह खराब होती है तो इसकी जानकारी उन्हें तत्काल हो जाएगी और घर बैठे ही वह उसे ठीक कर देंगे। राहुल के मुताबिक उनके इस डिवाइस का इस्तेमाल किसी भी मास्क में किया जा सकता है।
आपातकालीन परिस्थिति को देखते हुए राहुल सिंह ने अपने इस नवाचार को आम जनता तक पहुंचाने के लिए सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी) एवं डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) के पास आवेदन किया है। अनुमति मिलते ही इसे तैयार किया जाएगा।
राहुल ने बताया कि अभी वह मौजूद संसाधन से एक दिन में एक लाख मास्क तैयार कर सकते हैं। स्टाफ बढ़ाया गया तो यह संख्या ढाई से तीन लाख हो सकती है। इसके लिए उनकी तैयारी पूरी है। अनुमति मिलते ही मास्क बनाकर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।
आपातकालीन परिस्थिति को देखते हुए राहुल सिंह ने अपने इस नवाचार को आम जनता तक पहुंचाने के लिए सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी) एवं डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) के पास आवेदन किया है। अनुमति मिलते ही इसे तैयार किया जाएगा।
राहुल ने बताया कि अभी वह मौजूद संसाधन से एक दिन में एक लाख मास्क तैयार कर सकते हैं। स्टाफ बढ़ाया गया तो यह संख्या ढाई से तीन लाख हो सकती है। इसके लिए उनकी तैयारी पूरी है। अनुमति मिलते ही मास्क बनाकर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।
सैनिटाइजर टनल भी बना चुके हैं राहुल
कक्षा 12 के छात्र राहुल सिंह अबतक 50 से अधिक नवाचार कर चुके हैं। वर्तमान में वह मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विद्यालय के इनोवेशन सेंटर से जुड़कर कई प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे हैं। बीते वर्ष कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए उनके द्वारा बनाया गया सैनिटाइजर टनल और हैंड सैनिटाइजर मशीन काफी चर्चा में रही।
ऐसे काम करती है डिवाइस
राहुल सिंह ने बताया कि उन्होंने एक एयर मोटर तैयार किया और उसमें एक स्मार्ट सर्किट भी लगाया है। सर्किट के माध्यम से यह एयर मोटर हवा को सात बार फिल्टर कर ऑक्सीजन तैयार कर देता है, जिसका लाभ जरूरतमंद को मिलता है। सर्किट को ऊर्जा देने की राहुल ने दोहरी व्यवस्था की है।
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि राहुल सिंह जनोपयोगी चीजों के निर्माण पर अनवरत कार्य करते हैं। उनकी इसी क्षमता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने उन्हें अपने इनोवेशन सेंटर से जोड़ा है। प्राकृतिक मास्क बनाकर राहुल ने आपदा में राहत देने का अच्छा प्रयास किया है। उनके इस नवाचार को तकनीकी रूप और समृद्ध बनाने का कार्य विश्वविद्यालय करेगा।
ऐसे काम करती है डिवाइस
राहुल सिंह ने बताया कि उन्होंने एक एयर मोटर तैयार किया और उसमें एक स्मार्ट सर्किट भी लगाया है। सर्किट के माध्यम से यह एयर मोटर हवा को सात बार फिल्टर कर ऑक्सीजन तैयार कर देता है, जिसका लाभ जरूरतमंद को मिलता है। सर्किट को ऊर्जा देने की राहुल ने दोहरी व्यवस्था की है।
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि राहुल सिंह जनोपयोगी चीजों के निर्माण पर अनवरत कार्य करते हैं। उनकी इसी क्षमता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने उन्हें अपने इनोवेशन सेंटर से जोड़ा है। प्राकृतिक मास्क बनाकर राहुल ने आपदा में राहत देने का अच्छा प्रयास किया है। उनके इस नवाचार को तकनीकी रूप और समृद्ध बनाने का कार्य विश्वविद्यालय करेगा।