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गोरखपुर को मिलेगी कोरोना वैक्सीन, होगा ट्रायल
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गोरखपुर को मिलेगी कोरोना वैक्सीन, होगा ट्रायल
गोरखपुर। आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) और भारत बायोटेक के सहयोग से विकसित कोरोना की वैक्सीन का ट्रायल गोरखपुर में शीघ्र शुरू होगा। यह वैक्सीन शहर के राणा हॉस्पिटल को तीन से चार दिनों के अंदर मिलने की उम्मीद है। आईसीएमआर की अनुमति के बाद वैक्सीन का मरीजों पर ट्रायल शुरू हो जाएगा। कोवॉक्सिन के ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश खुद आईसीएमआर ने दिए हैं। नतीजे बेहतर मिलने के बाद 15 अगस्त को इस वैक्सीन के लांच करने की तैयारी भी चल रही है।
आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने स्वदेश में विकसित कोरोना वैक्सीन कोवॉक्सिन के परीक्षण को लेकर देश भर के 12 चिकित्सा संस्थानों को पत्र लिखा है। इसमें जिक्त्रस् किया गया है कि वैक्सीन का ट्रायल जल्द से जल्द मानव पर शुरू किया जाए, जिससे की नतीजों का पता चल सके। शहर में परीक्षण के लिए आईसीएमआर ने राणा हॉस्पिटल को चुना है। राणा हॉस्पिटल में वायरस पर लंबे समय से शोध होता है। आईसीएमआर का पत्र मिलने के बाद राणा हॉस्पिटल, राप्ती नगर फेज रेल बिहार ने उम्मीद जताई है कि तीन से चार दिनों के अंदर आईसीएमआर और भारत बायोटेक द्वारा विकसित वैक्सीन मिल जाएगी। वैक्सीन मिलने के बाद ट्रायल भी शुरू कर दिया जाएगा। बताया जाता है कि वैक्सीन की मानव परीक्षण प्रक्त्रिस्या को फास्क ट्रैक विधि से पूरा करने के लिए कहा गया है। यह विधि बेहद सरल और सीधी है तथा इसके नतीजे बेहद सटीक होते हैं। इससे लोगों को खतरा बिल्कुल नहीं है। ट्रायल सफल होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर इसे 15 अगस्त तक लांच करने की तैयारी हो रही है।
हॉस्पिटल की निदेशिका खुद भी ट्रायल टीम का हैं हिस्सा
राणा हॉस्पिटल की निदेशिका डॉ सोना घोष ट्रायल टीम का हिस्सा हैं। उनके साथ शहर के डॉ. अजीत भी शामिल किए गए हैं। ये लोग कानपुर की डॉ. निधि सिंह के निर्देशन में ट्रायल करेंगे। डॉ सोना घोष ने बताया कि हॉस्पिटल में पहले से ही वायरस पर शोध होते रहे हैं। इसकी जानकारी आईसीएमआर को है। डॉ निधि ने बताया कि गोरखपुर में राणा हॉस्पिटल को ट्रायल की जिम्मेदारी दी गई है।
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गोरखपुर। आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) और भारत बायोटेक के सहयोग से विकसित कोरोना की वैक्सीन का ट्रायल गोरखपुर में शीघ्र शुरू होगा। यह वैक्सीन शहर के राणा हॉस्पिटल को तीन से चार दिनों के अंदर मिलने की उम्मीद है। आईसीएमआर की अनुमति के बाद वैक्सीन का मरीजों पर ट्रायल शुरू हो जाएगा। कोवॉक्सिन के ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश खुद आईसीएमआर ने दिए हैं। नतीजे बेहतर मिलने के बाद 15 अगस्त को इस वैक्सीन के लांच करने की तैयारी भी चल रही है।
आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने स्वदेश में विकसित कोरोना वैक्सीन कोवॉक्सिन के परीक्षण को लेकर देश भर के 12 चिकित्सा संस्थानों को पत्र लिखा है। इसमें जिक्त्रस् किया गया है कि वैक्सीन का ट्रायल जल्द से जल्द मानव पर शुरू किया जाए, जिससे की नतीजों का पता चल सके। शहर में परीक्षण के लिए आईसीएमआर ने राणा हॉस्पिटल को चुना है। राणा हॉस्पिटल में वायरस पर लंबे समय से शोध होता है। आईसीएमआर का पत्र मिलने के बाद राणा हॉस्पिटल, राप्ती नगर फेज रेल बिहार ने उम्मीद जताई है कि तीन से चार दिनों के अंदर आईसीएमआर और भारत बायोटेक द्वारा विकसित वैक्सीन मिल जाएगी। वैक्सीन मिलने के बाद ट्रायल भी शुरू कर दिया जाएगा। बताया जाता है कि वैक्सीन की मानव परीक्षण प्रक्त्रिस्या को फास्क ट्रैक विधि से पूरा करने के लिए कहा गया है। यह विधि बेहद सरल और सीधी है तथा इसके नतीजे बेहद सटीक होते हैं। इससे लोगों को खतरा बिल्कुल नहीं है। ट्रायल सफल होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर इसे 15 अगस्त तक लांच करने की तैयारी हो रही है।
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हॉस्पिटल की निदेशिका खुद भी ट्रायल टीम का हैं हिस्सा
राणा हॉस्पिटल की निदेशिका डॉ सोना घोष ट्रायल टीम का हिस्सा हैं। उनके साथ शहर के डॉ. अजीत भी शामिल किए गए हैं। ये लोग कानपुर की डॉ. निधि सिंह के निर्देशन में ट्रायल करेंगे। डॉ सोना घोष ने बताया कि हॉस्पिटल में पहले से ही वायरस पर शोध होते रहे हैं। इसकी जानकारी आईसीएमआर को है। डॉ निधि ने बताया कि गोरखपुर में राणा हॉस्पिटल को ट्रायल की जिम्मेदारी दी गई है।
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