{"_id":"616cf477754c2e00960e2bd0","slug":"gorakhpur-weather-update-light-rain-coming-soon-today-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur Weather: मौसम ने बदली चाल, आसमान से गिरीं फुहारें, आज भी रिमझिम बारिश की संभावना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur Weather: मौसम ने बदली चाल, आसमान से गिरीं फुहारें, आज भी रिमझिम बारिश की संभावना
Mon, 18 Oct 2021 09:44 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 18 Oct 2021 09:44 AM IST
सार
अक्तूबर का महीना करीब आधा बीत चुका है, लेकिन इसके बाद भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री के ऊपर रह रहा है। इसकी वजह से लोगों को तपिश वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रविवार का मौसम सुकून देने वाला रहा।
विज्ञापन
गोरखपुर में बारिश।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर में रविवार दोपहर में मौसम ने अचानक चाल बदल ली। जहां सुबह से धूप और उमस का राज था वहीं काले बादलों ने डेरा डाल लिया। कुछ देर में ही बारिश शुरू हो गई। पहले तेज और उसके बाद देर शाम तक रुक-रुक कर फुहारें पड़ती रहीं। इसकी वजह से तापमान में भी गिरावट आ गई। मौसम विशेषज्ञ सोमवार यानी आज भी बारिश होने की संभावना जता रहे हैं।
अक्तूबर का महीना करीब आधा बीत चुका है, लेकिन इसके बाद भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री के ऊपर रह रहा है। इसकी वजह से लोगों को तपिश वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन रविवार का मौसम सुकून देने वाला रहा।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव की वजह से ऊपरी वायुमंडल में बादल पश्चिम बंगाल से लेकर झारखंड, बिहार होते हुए पूर्वी उत्तरप्रदेश तक पहुंच गए। इसकी वजह से बारिश हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
अक्तूबर का महीना करीब आधा बीत चुका है, लेकिन इसके बाद भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री के ऊपर रह रहा है। इसकी वजह से लोगों को तपिश वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन रविवार का मौसम सुकून देने वाला रहा।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव की वजह से ऊपरी वायुमंडल में बादल पश्चिम बंगाल से लेकर झारखंड, बिहार होते हुए पूर्वी उत्तरप्रदेश तक पहुंच गए। इसकी वजह से बारिश हुई।
विज्ञापन