Gorakhpur: गोरखपुर-वाराणसी हाईवे कसिहार के पास धंसा, एक लेन बंद
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन की आधारशिला केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने 2016 में रखी थी। इसका निर्माण तीन साल में पूरा करने का अनुबंध जेपी एसोसिएट ने किया था। शुरू से ही संस्था की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में थी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती और पीएमओ की निगरानी के बावजूद गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का निर्माण समय पर नहीं हो पाया। अब जबकि इसका काफी हिस्सा बन चुका है तो उसकी गुणवत्ता पर ही सवाल उठने लगे हैं। हालत यह है कि पहले महावीर छपरा के पास सड़क धंसने के बाद उसे तोड़ कर दोबारा बनाया जा रहा है। वहीं, कसिहार में भी आमी नदी के पास रास्ता बंद कर सड़क तोड़ी जा रही है। इस कारण तरफ का मार्ग बंद कर दिया गया है।
पिछले तीन चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से कौड़ीराम से पहले आमी नदी के क्षेत्र में बिजरा व नकबैठा पुल के पास सड़क धंस गई। इससे आने जाने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसकी सूचना मिलने के बाद एनएचएआई के इंजीनियर एक लेन को बंद कर दूसरे लेन से गाड़ियों को निकालने लगे। अब एक लेन को बंद कर दिया गया है। जहां सड़क धंसी है वहां खुदाई की जा रही है।
कसिहार प्रतिनिधि के अनुसार, मलाव निवासी ओमप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। इस नाते सड़क धंस रही है। इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कनइल गांव निवासी गोरख शुक्ला ने कहा कि फोरलेन लंबे समय से बन रहा है। इस पर सबकी नजर होने के बावजूद जितना घटिया काम हो रहा है उसकी कल्पना किसी ने नहीं की होगी।
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कसिहार निवासी राधारी पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में फोरलेन में यदि इस तरह का घटिया निर्माण हो रहा है तो अन्य जगह की क्या स्थिति होगी, अंदाजा लगाया जा सकता है। दोषी जो भी हो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम की सख्ती, पीएमओ की निगरानी भी बेअसर
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन की आधारशिला केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने 2016 में रखी थी। इसका निर्माण तीन साल में पूरा करने का अनुबंध जेपी एसोसिएट ने किया था। शुरू से ही संस्था की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में थी।
बांसगांव के सांसद से लेकर मुख्यमंत्री योगी ने इसकी शिकायत जब ऊपर तक की तो सड़क निर्माण की निगरानी पीएमओ से होने लगी। बावजूद इसके फर्म ने अपनी कार्य प्रणाली में कोई सुधार नहीं किया। इसी बीच महावीर छपरा के पास सड़क धंस गई। हल्ला मचा तो उसे उखाड़कर नए सिरे से बनाया जा रहा है। अब बारिश की वजह से कसिहार के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया है।