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गोरखपुर विश्वविद्यालय : पोस्टर के जरिए प्रदर्शित किया दीनदयाल उपाध्याय का व्यक्तित्व
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गोरखपुर विश्वविद्यालय : पोस्टर के जरिए प्रदर्शित किया दीनदयाल उपाध्याय का व्यक्तित्व
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की ओर से बुधवार को पोस्टर
प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ‘सतत विकास के विविध आयाम’ विषयक इस प्रतियोगिता में 75 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के दौरान कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने विद्यार्थियों के पोस्टर का अवलोकन किया और उनसे सतत विकास से संबंधित संवाद स्थापित किया।
कुलपति ने कहा कि आज के समय में सतत विकास से व्यक्ति के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। विद्यार्थियों की कार्यक्षमता तथा कुशलता को उन्होंने खूब सराहा। शोधपीठ के संयोजक प्रो. संजीत गुप्ता ने सतत विकास के विभिन्न पहलुओं तथा दीनदयाल उपाध्याय के विचारों, आदर्शों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। प्रतियोगिता की संयोजक प्रो. उषा सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों ने सतत विकास के विविध आयामों को अपने पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. श्रद्धा शुक्ला, प्रदीप राजोरिया शामिल रहे। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागी तृतीय चरण के लिए 10 फरवरी को विश्वविद्यालय केंद्र पर प्रतिभाग करेंगे। प्रतियोगिता में सह-संयोजक डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. कुसुम रावत, डॉ. रंजनलता, डॉ. पंकज सिंह आदि उपस्थित रहे।
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की ओर से बुधवार को पोस्टर
प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ‘सतत विकास के विविध आयाम’ विषयक इस प्रतियोगिता में 75 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के दौरान कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने विद्यार्थियों के पोस्टर का अवलोकन किया और उनसे सतत विकास से संबंधित संवाद स्थापित किया।
कुलपति ने कहा कि आज के समय में सतत विकास से व्यक्ति के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। विद्यार्थियों की कार्यक्षमता तथा कुशलता को उन्होंने खूब सराहा। शोधपीठ के संयोजक प्रो. संजीत गुप्ता ने सतत विकास के विभिन्न पहलुओं तथा दीनदयाल उपाध्याय के विचारों, आदर्शों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। प्रतियोगिता की संयोजक प्रो. उषा सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों ने सतत विकास के विविध आयामों को अपने पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. श्रद्धा शुक्ला, प्रदीप राजोरिया शामिल रहे। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागी तृतीय चरण के लिए 10 फरवरी को विश्वविद्यालय केंद्र पर प्रतिभाग करेंगे। प्रतियोगिता में सह-संयोजक डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. कुसुम रावत, डॉ. रंजनलता, डॉ. पंकज सिंह आदि उपस्थित रहे।
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