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Gorakhpur: रेलवे स्टेशन के पास 50 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया दुकानदार, हवाला नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका
Sat, 03 Jan 2026 12:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 03 Jan 2026 12:59 AM IST
सार
कैंट थाना पुलिस के अनुसार, राजीव जायसवाल गोरखपुर बस अड्डे पर शाम करीब पांच बजे पहुंचा था। वहां से वह पैदल रेलवे स्टेशन होते हुए धर्मशाला बाजार की ओर बढ़ा। इसी दौरान स्कूटी सवार दो युवक पहले से मौजूद थे, जिन्होंने उसे एक बैग सौंपा। इसके बाद राजीव बैग लेकर आगे चल पड़ा। रेलवे स्टेशन के गेट नंबर छह के पास तैनात चौकी प्रभारी सुधांशु सिंह की नजर उस पर पड़ी तो उन्हें उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ।
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कैंट पुलिस ने शुक्रवार देर शाम रेलवे स्टेशन के गेट नंबर छह के पास से डुमरियागंज (जिला सिद्धार्थनगर) के एक व्यक्ति को संदिग्ध हालत में 50 लाख रुपये के साथ दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना राजीव जायसवाल उर्फ राजू (52) बताया। उसने बताया कि वह एक दुकानदार है।
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हालांकि वह रकम के बारे में पूछने पर कुछ संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिस कारण पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आयकर विभाग को सूचना दे दी। इस रकम के हवाला से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। देर रात तक आयकर विभाग की टीम राजीव से पूछताछ करती रही।
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कैंट थाना पुलिस के अनुसार, राजीव जायसवाल गोरखपुर बस अड्डे पर शाम करीब पांच बजे पहुंचा था। वहां से वह पैदल रेलवे स्टेशन होते हुए धर्मशाला बाजार की ओर बढ़ा। इसी दौरान स्कूटी सवार दो युवक पहले से मौजूद थे, जिन्होंने उसे एक बैग सौंपा। इसके बाद राजीव बैग लेकर आगे चल पड़ा। रेलवे स्टेशन के गेट नंबर छह के पास तैनात चौकी प्रभारी सुधांशु सिंह की नजर उस पर पड़ी तो उन्हें उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ।
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चौकी प्रभारी के अनुसार, पुलिस को देखकर राजीव के हड़बड़ाने और फिर भागने की कोशिश करने से उनका संदेह और गहरा हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान जब राजीव के पास मौजूद बैग खोला गया तो उसमें भरी नकदी देखकर पुलिसकर्मी भी चौंक गए। पूछताछ में राजीव ने पुलिस को बताया कि वह स्कूटी सवार युवकों को नहीं जानता और उसे ये रुपये फरेंदा पहुंचाने हैं। उसने यह भी बताया कि उसके भांजे ने फोन पर कहा था कि वही जानता है कि पैसे किसके हैं और युवक कौन थे। हालांकि, इन बारे में वह कोई सबूत पेश नहीं कर सका।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग को सूचना दी। टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त टीम ने मशीन से रुपये गिने और नकदी को सील कर कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक स्तर पर रकम के हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब स्कूटी सवार युवकों और पैसे के स्रोत के बारे में पता कर रही है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की सचाई सामने आ सकेगी।