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Gorakhpur News: पांच लाख में समझौता, पीड़ित ने कार्रवाई से किया इन्कार
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पुलिस की मौजूदगी में परिजनों ने एकलौते बेटे ने किया दाह संस्कार
राइस मिल संचालक की कार की चपेट में आने से चली गई थी बुजुर्ग महिला की जान
गोरखपुर। हादसे में जान गंवाने वाली सावित्री देवी (65) के मामले में पांच लाख रुपये में समझौता हो गया है। मृतक के बेटे अविनाश और राइस मिल संचालक के बीच लंबी बातचीत के बाद एक लाख रुपये नकद और चार लाख के चेक के बाद मामला खत्म कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, मजबूरी में समझौता किया गया क्योंकि कानूनी प्रक्रिया में जाने का साहस परिवार के पास नहीं बचा था।
ग्रामीणों ने बताया कि दुर्घटना में उनके एकलौते बेटे की मदद से न्याय की आस थी, लेकिन राइस मिल संचालक और इकलौते बेटे अविनाश के बीच बातचीत के बाद एक लाख रुपये नकद और चार लाख रुपये चेक में समझौता कर लिया गया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में एकलौते बेटे ने शव का दाह संस्कार किया। परिवार के अनुसार, यह समय उनके लिए बेहद कठिन था, क्योंकि उन्हें न केवल अपने प्रियजन को खोने का दुख सहना पड़ा, बल्कि न्याय के रास्ते को भी आर्थिक समझौते के दबाव में छोड़ना पड़ा। बता दें कि राइस मिल संचालक की गाड़ी की टक्कर से सावित्री देवी घायल हुईं थीं। इलाज के दौरान उनकी मौत होने पर परिजन और ग्रामीण भड़क गए थे।
इंसाफ की उम्मीद पर पैसा हावी
थाने के बाहर पहुंचे ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कुछ ने कहा कि हादसे के बाद इंसाफ की उम्मीद पर पैसे हावी हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि समझौता होने के बाद मामला समाप्त माना गया है, लेकिन इस हादसे ने समाज में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि छोटी-छोटी दुर्घटनाओं में भी इंसाफ और न्याय के लिए लोगों को कितनी हिम्मत और संसाधनों की जरूरत होती है।
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बेटे ने कुछ भी बताने से किया इन्कार
मुआवजा मिलने के बाद अविनाश से जब इस संबंध में पूछताछ की गई तो वह इस संबंध में कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। उसका कहना था कि वह किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं चाहता है।
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राइस मिल संचालक की कार की चपेट में आने से चली गई थी बुजुर्ग महिला की जान
गोरखपुर। हादसे में जान गंवाने वाली सावित्री देवी (65) के मामले में पांच लाख रुपये में समझौता हो गया है। मृतक के बेटे अविनाश और राइस मिल संचालक के बीच लंबी बातचीत के बाद एक लाख रुपये नकद और चार लाख के चेक के बाद मामला खत्म कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, मजबूरी में समझौता किया गया क्योंकि कानूनी प्रक्रिया में जाने का साहस परिवार के पास नहीं बचा था।
ग्रामीणों ने बताया कि दुर्घटना में उनके एकलौते बेटे की मदद से न्याय की आस थी, लेकिन राइस मिल संचालक और इकलौते बेटे अविनाश के बीच बातचीत के बाद एक लाख रुपये नकद और चार लाख रुपये चेक में समझौता कर लिया गया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में एकलौते बेटे ने शव का दाह संस्कार किया। परिवार के अनुसार, यह समय उनके लिए बेहद कठिन था, क्योंकि उन्हें न केवल अपने प्रियजन को खोने का दुख सहना पड़ा, बल्कि न्याय के रास्ते को भी आर्थिक समझौते के दबाव में छोड़ना पड़ा। बता दें कि राइस मिल संचालक की गाड़ी की टक्कर से सावित्री देवी घायल हुईं थीं। इलाज के दौरान उनकी मौत होने पर परिजन और ग्रामीण भड़क गए थे।
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इंसाफ की उम्मीद पर पैसा हावी
थाने के बाहर पहुंचे ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कुछ ने कहा कि हादसे के बाद इंसाफ की उम्मीद पर पैसे हावी हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि समझौता होने के बाद मामला समाप्त माना गया है, लेकिन इस हादसे ने समाज में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि छोटी-छोटी दुर्घटनाओं में भी इंसाफ और न्याय के लिए लोगों को कितनी हिम्मत और संसाधनों की जरूरत होती है।
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बेटे ने कुछ भी बताने से किया इन्कार
मुआवजा मिलने के बाद अविनाश से जब इस संबंध में पूछताछ की गई तो वह इस संबंध में कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। उसका कहना था कि वह किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं चाहता है।