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Gorakhpur News: यात्रियों को अब नहीं मिलेगा गंदा चादर, मशीन से चेक हो रही सफेदी
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मैकेनाइज्ड लांड्री में लगाई गई है व्हाइटोमीटर, गंदगी पर रिजेक्ट कर देगी मशीन
लांड्री में रोजाना 25 हजार चादर की होती है धुलाई
गोरखपुर। ट्रेन में सफर के दौरान अब यात्रियाें को गंदे चादर नहीं मिलेंगे। इसके लिए रेलवे स्टेशन स्थित लांड्री में व्हाइटनेस मीटर से सफेदी की जांच की जा रही है। मानक के अनुरूप सफाई न होने पर मशीन चादर को रिजेक्ट कर दे रही है। ऐसे चादरों को फिर से धुलाई में भेजा जा रहा है।
मैकेनाइज्ड लांड्री में रोजाना 16 हजार बेडरोल पैकेट तैयार किए जाते हैं। प्रत्येक पैकेट में दो-दो चादर होते हैं। इस हिसाब से रोजाना 32 हजार चादरों की धुलाई की जाती है। ट्रेन में गंदे चादर मिलने की शिकायतें आती रहती हैं। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने गोरखपुर मैकेनाइज्ड लांड्री में व्हाइटनेस मीटर मशीन लगा दी है। लांड्री में धुलाई होकर जब चादरें आती हैं तो उनकी जांच मशीन से की जाती है। अगर चादर की सफाई अच्छी नहीं है तो मशीन बता देती है।
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धुलाई के लिए बढ़ेंगी 10 मशीनें
मैकेनाइज्ड लांड्री के लिए अब नया भवन तैयार किया जा रहा है। यहां धुलाई के लिए 10 नई मशीनें लगाने की तैयारी है। इससे धुलाई की क्षमता बढ़ जाएगी। रोजाना 45 हजार चादरों की धुलाई हो सकेगी। भविष्य में ट्रेनें भी बढ़ेंगी, इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
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लांड्री में रोजाना 25 हजार चादर की होती है धुलाई
गोरखपुर। ट्रेन में सफर के दौरान अब यात्रियाें को गंदे चादर नहीं मिलेंगे। इसके लिए रेलवे स्टेशन स्थित लांड्री में व्हाइटनेस मीटर से सफेदी की जांच की जा रही है। मानक के अनुरूप सफाई न होने पर मशीन चादर को रिजेक्ट कर दे रही है। ऐसे चादरों को फिर से धुलाई में भेजा जा रहा है।
मैकेनाइज्ड लांड्री में रोजाना 16 हजार बेडरोल पैकेट तैयार किए जाते हैं। प्रत्येक पैकेट में दो-दो चादर होते हैं। इस हिसाब से रोजाना 32 हजार चादरों की धुलाई की जाती है। ट्रेन में गंदे चादर मिलने की शिकायतें आती रहती हैं। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने गोरखपुर मैकेनाइज्ड लांड्री में व्हाइटनेस मीटर मशीन लगा दी है। लांड्री में धुलाई होकर जब चादरें आती हैं तो उनकी जांच मशीन से की जाती है। अगर चादर की सफाई अच्छी नहीं है तो मशीन बता देती है।
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धुलाई के लिए बढ़ेंगी 10 मशीनें
मैकेनाइज्ड लांड्री के लिए अब नया भवन तैयार किया जा रहा है। यहां धुलाई के लिए 10 नई मशीनें लगाने की तैयारी है। इससे धुलाई की क्षमता बढ़ जाएगी। रोजाना 45 हजार चादरों की धुलाई हो सकेगी। भविष्य में ट्रेनें भी बढ़ेंगी, इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
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