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Gorakhpur News: अब पांच मिनट में हो जाएगी ट्रेनों की सफाई और धुलाई
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गोरखपुर वाशिंग पिट पर बने ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट से धुलाई शुरू
प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर ने किया लोकार्पण
गोरखपुर। अब ट्रेनों की सफाई और धुलाई में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। इसके चलते ट्रेनें लेट नहीं होंगीं। महज पांच मिनट में ट्रेन की 22 बोगियों के बाहरी हिस्से की धुलाई और सफाई हो जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर वाशिंग पिट पर बने ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट से बोगियों की धुलाई शुरू कर दी गई है। प्लांट का लोकार्पण प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर एमके अग्रवाल ने शनिवार को एक समारोह में किया।
ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट से डिपो में जाने वाली सभी बोगियों की बाहरी धुलाई स्वत: मशीन से हो जाएगी। धुलाई के पुराने सिस्टम में 22 कोच के रेक को धुलने में जहां 6600 लीटर पानी खर्च होता था वहीं इस नए सिस्टम से महज 1320 लीटर पानी ही खर्च होगा। इसके अलावा ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट के लग जाने से मैनपावर (मानव संसाधन) की भी बचत होगी। मैनुअल सिस्टम में प्रति रेक की धुलाई में तीन कर्मचारियों की आवश्यकता होती थी। प्रतिदिन लगभग 6 रेक की धुलाई पर 18 व्यक्तियों की आवश्यकता थी। इस अत्याधुनिक प्लांट के लग जाने से मैनपावर में काफी कमी आएगी।
उद्घाटन के समय सीएमई प्लानिंग राजेश अवस्थी, हेमंत कुमार, डीके खरे, बलराम, जेपी सिंह, सुधांशु कुमार राव, रवि प्रकाश श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
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प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर ने किया लोकार्पण
गोरखपुर। अब ट्रेनों की सफाई और धुलाई में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। इसके चलते ट्रेनें लेट नहीं होंगीं। महज पांच मिनट में ट्रेन की 22 बोगियों के बाहरी हिस्से की धुलाई और सफाई हो जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर वाशिंग पिट पर बने ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट से बोगियों की धुलाई शुरू कर दी गई है। प्लांट का लोकार्पण प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर एमके अग्रवाल ने शनिवार को एक समारोह में किया।
ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट से डिपो में जाने वाली सभी बोगियों की बाहरी धुलाई स्वत: मशीन से हो जाएगी। धुलाई के पुराने सिस्टम में 22 कोच के रेक को धुलने में जहां 6600 लीटर पानी खर्च होता था वहीं इस नए सिस्टम से महज 1320 लीटर पानी ही खर्च होगा। इसके अलावा ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट के लग जाने से मैनपावर (मानव संसाधन) की भी बचत होगी। मैनुअल सिस्टम में प्रति रेक की धुलाई में तीन कर्मचारियों की आवश्यकता होती थी। प्रतिदिन लगभग 6 रेक की धुलाई पर 18 व्यक्तियों की आवश्यकता थी। इस अत्याधुनिक प्लांट के लग जाने से मैनपावर में काफी कमी आएगी।
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उद्घाटन के समय सीएमई प्लानिंग राजेश अवस्थी, हेमंत कुमार, डीके खरे, बलराम, जेपी सिंह, सुधांशु कुमार राव, रवि प्रकाश श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।