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Gorakhpur News: सुरक्षा बढ़ी है तो डर कम हुआ...घूरते हैं ऑटो वाले

Tue, 07 Oct 2025 01:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Oct 2025 01:49 AM IST
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Gorakhpur News: As security has increased, fear has decreased... auto drivers stare.
छात्रावास और पीजी में रहने वाली छात्राओं ने बयां किए अनुभव
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गोरखपुर। आस-पास के जिलों से शिक्षा और रोजगार के लिए आने वाली लड़कियां और छात्राएं अपने आप को आज के माहौल में सुरक्षित महसूस करती हैं। लेकिन रात में ऑटो से जाने में डर लगता है। हॉस्टल के सामने ऑटो वाले इशारे भी करते हैं और घूरते हैं।
शहर के एक हॉस्टल में रहने वाली बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अपर्णा का कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर या सामाजिक परिस्थितियों में असहज महसूस होता है। कुछ छात्राओं ने हॉस्टल के सामने खड़ी होने वाले ऑटो चालकों का भी जिक्र करते हुए बताया कि हॉस्टल के सामने ऑटो चालक अपनी गाड़ी खड़ी कर इशारे करते हैं। जैसे ही पुलिस के आने का समय हो या उनके गाड़ी के सायरन की आवाज सुनते हैं, वो हट जाते हैं।
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हॉस्टल में रहने वाली छात्रा गीत ने बताया कि अक्सर राह चलते भी ये ऑटो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने वाले गलत तरीके से इशारा करते हैं। इन्हें पुलिस चाहकर भी नहीं रोक सकती है। ऐसे तब करते हैं, जब चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। लेकिन, लड़कियां सामाजिक डर से सामने आकर शिकायत नहीं कर पाती हैं।
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छात्राओं से बातचीत
रात के समय भी बाहर निकलने में डर नहीं लगता है। लेकिन अभी भी कुछ ऐसे लोग मिल जाते है,जिसके वजह से समस्या होती है। अगर लोग अपनी सोच सही कर लें तो किसी भी महिला को काेई दिक्कत नहीं होगी और कहीं भी आराम से आ जा सकती है।
- वर्णित कुमारी
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अकेली लड़की शहर में कैसे रहेगी, मेरे परिवार के लोग इस सवाल को लेकर काफी परेशान थे। अब पढ़ाई के साथ ही नौकरी भी कर रही हूं। लेकिन, छेड़खानी की घटनाएं सुनती हूं, रात के समय बस,ऑटो में जाने पर डर बना रहता है। महिला हेल्प लाइन नंबर को और भी ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है।

- मुस्कान सिंह
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वर्जन
महिलाओं, छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। उनको आत्मसुरक्षित के तरीके बताए जाते है। हॉस्टल और पीजी जहां भी है वहां के संबंधित थाने को सीयूजी नंबर दिया गया है जिससे छात्राओं को कोई भी समस्या हो वो तुरंत संपर्क कर सके। हॉस्टल और पीजी वाले इलाके में महिला सुरक्षा दल की टीम जागरूक रहती जिससे छात्राओं को काेई समस्या न हाे।
- सुनीता सिंह ,उपनिरीक्षक महिला थाना
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