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गोरखपुर नगर निगम: 12 साल से लंबित मामला चंद घंटों में हुआ निस्तारित, नगर आयुक्त ने कराया काम

Wed, 13 Oct 2021 01:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 13 Oct 2021 01:34 PM IST
सार

मामला संज्ञान में आने के बाद नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने मात्र एक दिन में मामले को निस्तारित करा दिया।

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Gorakhpur Municipal Corporation pending for 12 years matter resolved in few hours
गोरखपुर नगर निगम - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अपने मकान में दर्ज महिला का नाम हटवाने के लिए 12 साल से नगर निगम के चक्कर लगा रहे जटेपुर दक्षिणी के अजय कुमार अग्रवाल का काम मंगलवार को चंद घंटों में हो गया। मामला संज्ञान में आने के बाद नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने मात्र एक दिन में मामले को निस्तारित करा दिया। बीते सालों में अजय से कुछ लोगों ने इस काम के लिए 50 हजार रुपयों की मांग भी की थी।
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जानकारी के मुताबिक नगर निगम के कर विभाग में अजय कुमार अग्रवाल का मकान 2009 में एक महिला के नाम से दर्ज हो गया था। तब से अजय इस गलती को दुरुस्त कराने के लिए नगर निगम के चक्कर लगा रहे थे। काम कराने के लिए उनसे रुपयों की मांग तक की गई। मंगलवार को एक सुनवाई के दौरान यह मामला  नगर आयुक्त तक पहुंचा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए मामले का निस्तारण कराया और अजय अग्रवाल को प्रमाणपत्र भी सौंप दिया।
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महिला ने टैक्स जमा कर रसीद के आधार पर ले लिया बिजली का कनेक्शन
जटेपुर दक्षिणी निवासी अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि पिता आत्माराम एडवोकेट के निधन के बाद जटेपुर दक्षिणी के मकान नंबर 561 पर उनका नाम दर्ज हुआ था। वर्ष 2009 में रंभा देवी नाम की महिला का नाम मकान के एक हिस्से पर दर्ज हो गया। महिला ने नगर निगम में कर जमा करने के बाद रसीद के आधार पर बिजली का कनेक्शन भी ले लिया। अपने मकान में बिजली का कनेक्शन देख अजय कुमार अग्रवाल ने जानकारी शुरू की। पता चला कि नगर निगम के कर विभाग में रंभा के नाम से मकान नंबर 561 डी दर्ज हो गया है।
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सोचा नहीं था इतनी आसानी से हो जाएगा काम
अजय अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने तत्काल नगर निगम में आपत्ति दर्ज कराई और जमीन व मकान का पूरा साक्ष्य सौंपा लेकिन तत्कालीन कुछ नहीं हुआ। उनसे 50 हजार रुपये की मांग हुई। प्रमाणपत्र मिलने के बाद अजय अग्रवाल ने कहा कि सोचा न था कि इतनी जल्दी काम हो जाएगा। 
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