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MMMUT: गोरखपुर एमएमएमयूटी को मिली खास पहचान, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की मिली सदस्यता
Tue, 05 Oct 2021 02:58 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 05 Oct 2021 02:58 PM IST
सार
सदस्यता मिलने के बाद, एमएमएमयूटी के छात्रों और शिक्षकों को नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी पर उपलब्ध 7.5 करोड़ से ज्यादा ई रिसोर्सेज जैसे ई बुक्स, ऑडियो लेक्चर, वीडियो लेक्चर , शोध प्रबंध, शोध पत्रिकाएं, एनसाइक्लोपीडिया ( ज्ञान कोश), शब्दकोश, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पाठ्य सामग्री एवं पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्र आदि निःशुल्क उपलब्ध होंगे।
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नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की विश्वविद्यालय कार्यकारिणी के सदस्यों ने सांस्थानिक सदस्यता का प्रमाणपत्र कुलपति को सौंपा।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मदन मोहन मालवीय प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय को भारत सरकार और आईआईटी खड़गपुर के प्रयास से स्थापित 'नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी' की सांस्थानिक सदस्यता मिली है। यह सदस्यता प्राप्त करने वाला एमएमएमयूटी प्रदेश का दूसरा संस्थान है। एमएमएमयूटी के अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश से केवल बीएचयू को यह सांस्थानिक सदस्यता हासिल है।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय को भारत सरकार और आईआईटी खड़गपुर के प्रयास से स्थापित 'नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी' की सांस्थानिक सदस्यता मिली है। यह सदस्यता प्राप्त करने वाला एमएमएमयूटी प्रदेश का दूसरा संस्थान है। इसके पहले, उत्तर प्रदेश से केवल बीएचयू को यह सदस्यता हासिल है।
सदस्यता मिलने के बाद एमएमएमयूटी के छात्रों और शिक्षकों को नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी पर उपलब्ध 7.5 करोड़ से ज्यादा ई रिसोर्सेज जैसे ई बुक्स, ऑडियो लेक्चर, वीडियो लेक्चर, शोध प्रबंध, शोध पत्रिकाएं, एनसाइक्लोपीडिया (ज्ञान कोश), शब्दकोश, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पाठ्य सामग्री एवं पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्र आदि निःशुल्क उपलब्ध होंगे।
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इतना ही नहीं, यह सारी पाठ्य सामग्री भारत में मुख्यतः बोले जाने वाली 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। सांस्थानिक सदस्यता मिलने पर एनडीएलआई द्वारा संबंधित संस्थान को एक पासवर्ड उपलब्ध कराया जाता है जिसका उपयोग करते हुए छात्र एवं शिक्षक अपने मोबाइल, लैपटॉप, या टैबलेट पर लॉगिन कर दुनिया में कहीं से भी यह सामग्री देख पढ़ सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं।
एमएमएमयूटी को यह सदस्यता मिलने से अब यहां के विद्यार्थी भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसका विशेष लाभ छात्रों को होगा क्योंकि वे तमाम ऐसी पुस्तकें पढ़ सकेंगे, जो बाजार में उपलब्ध नहीं है या उनकी कीमत अधिक होने से वे पहुंच के बाहर हैं।
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मदन मोहन मालवीय प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय को भारत सरकार और आईआईटी खड़गपुर के प्रयास से स्थापित 'नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी' की सांस्थानिक सदस्यता मिली है। यह सदस्यता प्राप्त करने वाला एमएमएमयूटी प्रदेश का दूसरा संस्थान है। इसके पहले, उत्तर प्रदेश से केवल बीएचयू को यह सदस्यता हासिल है।
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सदस्यता मिलने के बाद एमएमएमयूटी के छात्रों और शिक्षकों को नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी पर उपलब्ध 7.5 करोड़ से ज्यादा ई रिसोर्सेज जैसे ई बुक्स, ऑडियो लेक्चर, वीडियो लेक्चर, शोध प्रबंध, शोध पत्रिकाएं, एनसाइक्लोपीडिया (ज्ञान कोश), शब्दकोश, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पाठ्य सामग्री एवं पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्र आदि निःशुल्क उपलब्ध होंगे।
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इतना ही नहीं, यह सारी पाठ्य सामग्री भारत में मुख्यतः बोले जाने वाली 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। सांस्थानिक सदस्यता मिलने पर एनडीएलआई द्वारा संबंधित संस्थान को एक पासवर्ड उपलब्ध कराया जाता है जिसका उपयोग करते हुए छात्र एवं शिक्षक अपने मोबाइल, लैपटॉप, या टैबलेट पर लॉगिन कर दुनिया में कहीं से भी यह सामग्री देख पढ़ सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं।
एमएमएमयूटी को यह सदस्यता मिलने से अब यहां के विद्यार्थी भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसका विशेष लाभ छात्रों को होगा क्योंकि वे तमाम ऐसी पुस्तकें पढ़ सकेंगे, जो बाजार में उपलब्ध नहीं है या उनकी कीमत अधिक होने से वे पहुंच के बाहर हैं।