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गोरखपुर में आफत की बाढ़: नदियों का जलस्तर घट रहा पर खतरा नहीं, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Thu, 09 Sep 2021 09:56 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 09 Sep 2021 09:56 AM IST
सार

रोहिन नदी खतरे के निशान से 71 सेमी नीचे, राप्ती 1.72 मीटर ऊपर बह रही। बलरामपुर में पानी बढ़ने से राप्ती का जलस्तर आज बढ़ने की आशंका। राप्ती से निकली गोर्रा नदी खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही।

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Gorakhpur Flood water level of rivers receding but danger continues
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले की सभी नदियों का जलस्तर नीचे आ रहा है, लेकिन खतरा टला नहीं है। राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.72 मीटर पर बह रही है। राप्ती के पानी की नीचे आने की गति धीमी है। जबकि, बलरामपुर जिले में राप्ती का पानी बढ़ने से आशंका जताई जा रही है कि गुरुवार यानी आज उसका जलस्तर गोरखपुर में 10-15 सेमी बढ़ सकता है। वहीं, रोहिन नदी का पानी तेजी से घट रहा है। बुधवार शाम तक रोहिन खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर नीचे आ गई। इसी तरह घाघरा नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर नीचे आकर स्थिर हो गई है। जबकि, राप्ती से निकली गोर्रा नदी खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही है। सिंचाई विभाग के लोगों का कहना है कि नदियों का जलस्तर घट रहा है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
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नदियों का पानी घटने से लोग राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार राप्ती नदी के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, बंधों पर कटान का खतरा बढ़ गया है। बुधवार को दो स्थानों पर बंधा धंसा जिसे तुरंत ही ठीक कर दिया गया। विभाग की टीमें बंधों की लगातार निगरानी कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें राहत सामग्री बांट रही हैं। इसके बावजूद अधिकतर प्रभावितों को मदद नहीं मिलने की शिकायत है।  
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बाढ़ खंड 2 के अधिशासी अभियंता रुपेश कुमार खरे ने बताया कि सभी नदियों का जलस्तर घट रहा है। सबसे गंभीर बनी राप्ती नदी धीमी गति से ही सही, लेकिन नीचे आ रही है। अब तक वह 62 सेमी नीचे आ चुकी है। हालांकि, राप्ती के एक दो दिन में कुछ बढ़ने की आशंका है। बंधों पर पहले की तरह निगरानी की जा रही है। रिसाव हो रहा है, लेकिन बहुत कम। बुधवार को दो स्थानों पर बांध धंसा है, पर समय से ठीक कर दिया गया।
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सर्वे में लगे कृषि विभाग, राजस्व और बीमा कंपनी के कर्मचारी

बाढ़ से हुए फसलों के नुकसान के आकलन में डीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। इसमें कृषि, राजस्व और बीमा कंपनी के कर्मचारियों को लगाया गया है। इनकी रिपोर्ट के आधार पर बीमा कंपनी किसानों के नुकसान का 25 प्रतिशत भुगतान तुरंत कर देगी। शेष का भुगतान फसल कटने वाले समय पर किया जाएगा। बीमा कंपनी के क्षेत्रीय प्रभारी धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि राजस्व विभाग से लेखपाल, कृषि विभाग से एटीएम, असिस्टेंट टेक्निकल मैनेजर, ब्लॉक टेक्निकल मैनेजर, टेक्निकल असिस्टेंट तथा बीमा कंपनी के क्षेत्रीय कर्मचारी को लगाया गया है। सर्वे का कार्य 20 दिन में पूरा हो जाएगा। सर्वे से जिन किसानों की फसलों का बीमा हुआ है उनका लाभ होगा। राजस्व विभाग सर्वे के आधार पर सभी किसानों को लाभ देगा।
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