सीएम योगी जिस शख्स का पूछते थे हालचाल, उसने कोरोना को दे दी है मात
- गोरखपुर जिले का पहला कोरोना मरीज था ये शख्स
- एक माह तक रहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती
- दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से 25 अप्रैल को आया था गोरखपुर
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गोरखपुर जिले का पहला कोरोना पॉजिटिव शख्स आखिरकार कोरोना से जंग जीत ही गया। शुगर, हृदय रोग से संबंधित बीमारियां होने के बाद भी हाटा बुजुर्ग निवासी 49 वर्षीय शख्स ने हिम्मत नहीं हारी और एक महीने बाद कोरोना से उसे मुक्ति मिल गई।
बीआरडी प्राचार्य और उनकी टीम ने उसे बधाई देते हुए मंगलवार को एंबुलेंस से उसे घर भेजा। उसने भी डॉक्टरों के प्रति आभार जताते हुए भगवान का दर्जा दिया है।
जानकारी के मुताबिक हाटा बुजुर्ग का रहने वाला 49 वर्षीय व्यक्ति 26 अप्रैल को एंबुलेंस से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से अपने गांव पहुंचा था। वह हृदय रोग व शुगर की समस्या से परेशान था। कोरोना के कारण वह गांव में नहीं गया। बाहर एक झोपड़ी में रहा।
कुछ ही देर बाद तबीयत खराब हुई तो एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाया गया। इस बीच ट्रैवल हिस्ट्री के आधार पर जांच कराई गई तो कोरोना पॉजिटिव निकला। इसके बाद से कोरोना वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया गया।
सीएम पूछते थे वीडियो कांफ्रेसिंग में हाल
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि मरीज की तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी। उन्हें कोरोना के साथ हार्ट व शुगर की भी समस्या थी। डॉक्टरों ने बड़ी मेहनत के बाद उन्हें स्वस्थ किया है। इस कार्य में डॉ. अजहर, डॉ. अशोक कुमार व डॉ. अश्विनी मिश्रा की टीम का विशेष सहयोग रहा है।
जिले का पहला केस होने के कारण सीएम योगी आदित्यनाथ को भी कोरोना पॉजिटिव शख्स का नाम याद था। हर बार वीडियो काफ्रेंसिंग में उसका हाल जरूर पूछते थे। इस बीच चार बार रिपोर्ट जब पॉजिटिव आई तो डॉक्टर भी बेहद चिंतित थे।
इसकी वजह से सीएम उसकी और खोज खबर लेने लगे थे। लेकिन जब मंगलवार को वह पूरी तरह से स्वस्थ्य हो गया, तो डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है और बेहद खुशी भी जाहिर की है। बताया जाता है कि पूर्वांचल का यह पहला ऐसा केस है, जो इतने लंबे समय बाद ठीक हुआ है।