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गोरखपुर: रोक के बाद भी पैथवर्ड डायग्नोस्टिक कर रहा था कोरोना की जांच, सीएमओ ने संचालक को जारी किया कारण बताओ नोटिस
Sun, 27 Jun 2021 10:36 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 27 Jun 2021 10:36 AM IST
सार
चंद्रा डायग्नोस्टिक के डॉ. मनीष नायक ने सीएमओ से की शिकायत।
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में रोक के बावजूद कोरोना की जांच (आरटीपीसीआर) करने की शिकायत पर सीएमओ ने पैथवर्ड डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। कसया रोड स्थित चंद्रा डायग्नोस्टिक के डॉ. मनीष नायक ने शिकायत की है कि पैथवर्ड की ओर से जारी रिपोर्ट में उनकी पैथोलॉजी की डॉ. अर्चना त्रिपाठी के हस्ताक्षर और आईसीएमआर की ओर से पैथालॉजी को जारी पंजीकरण संख्या का जिक्र है।
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यह तब है जब आरटीपीसीआर की रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज न करने के कारण और एक साथ एक हजार से अधिक रिपोर्ट दर्ज करने के मामले में सीएमओ ने 21 मई को पैथवर्ड डायग्नोस्टिक के खिलाफ कार्रवाई की थी। उन्होंने वहां पर कोरोना की जांच करने से रोक लगा दी थी।
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डॉ. मनीष के मुताबिक पैथवर्ड की आरटीपीसीआर रिपोर्ट में नमूना लेने की तिथि 28 जून को दोपहर 1:52 बजे की है। रिपोर्ट जारी करने की तिथि 28 जून को शाम 7:57 बजे की है। रिपोर्ट तीन दिन पहले सीएमओ कार्यालय को दी गई है। यानी 28 जून के तीन दिन पहले ही रिपोर्ट जारी हो गई है। डॉ. मनीष ने बताया कि पैथवर्ड की रिपोर्ट में मेरे डायग्नोस्टिक सेंटर की पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर हैं।
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इसके अलावा आइसीएमआर की ओर से मेरे पैथोलॉजी को जारी पंजीकरण की संख्या पैथवर्ड की रिपोर्ट में है। यह मामला अपराध की श्रेणी में आता है। वहीं पैथवर्ड के क्वालिटी मैनेजर रंजीत गुप्त ने कहा कि जो रिपोर्ट दिखाई जा रही है वह पूरी तरह से फर्जी है। सीएमओ कार्यालय को पूरे मामले की जानकारी दी गई है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि पैथवर्ड डायग्नोस्टिक की शिकायत मिली है। आरटीपीसीआर जांच पर रोक के बाद भी रिपोर्ट जारी करने का मामला सामने आया है। संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।