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कोरोना का असर: नई गाइडलाइन से खुलेगी दीवानी कचहरी, इन नियमों का करना होगा पालन
Fri, 16 Apr 2021 09:40 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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Published by: vivek shukla
Updated Fri, 16 Apr 2021 09:40 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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उच्च न्यायालय की नई गाइडलाइन के अनुसार शुक्रवार यानी आज से दीवानी न्यायालय में न्यायिक कार्य संचालित होगा। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा अधीनस्थ अदालतों को खोले जाने के आदेश के अनुपालन में गोरखपुर जनपद न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह ने दीवानी न्यायालय को संचालित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल कुमार सिंह ने बताया कि आदेश के अनुसार जनपद न्यायाधीश, सभी विशेष क्षेत्राधिकार प्राप्त न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज सीनियर डिवीजन व सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय संचालित होंगे।
इन न्यायालयों में नए अथवा लंबित जमानत प्रार्थना पत्र, अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र, आवश्यक आपराधिक प्रकिर्ण प्रार्थना पत्रों, आवश्यक सिविल प्रार्थना पत्रों, विचाराधीन बंदियों से संबंधित न्यायिक कार्य/रिमांड, ऐसे सभी मामले जिसे माननीय न्यायालय द्वारा समयबद्ध सीमा में शीघ्रता से निस्तारण करने का निर्देश दिया हो, अन्य ऐसे मामले जिसे जनपद न्यायाधीश आवश्यक या उचित समझें। सभी पीठासीन अधिकारी विहित प्रावधानों का कड़ाई से पालन करेंगे।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल कुमार सिंह ने बताया कि आदेश के अनुसार जनपद न्यायाधीश, सभी विशेष क्षेत्राधिकार प्राप्त न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज सीनियर डिवीजन व सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय संचालित होंगे।
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इन न्यायालयों में नए अथवा लंबित जमानत प्रार्थना पत्र, अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र, आवश्यक आपराधिक प्रकिर्ण प्रार्थना पत्रों, आवश्यक सिविल प्रार्थना पत्रों, विचाराधीन बंदियों से संबंधित न्यायिक कार्य/रिमांड, ऐसे सभी मामले जिसे माननीय न्यायालय द्वारा समयबद्ध सीमा में शीघ्रता से निस्तारण करने का निर्देश दिया हो, अन्य ऐसे मामले जिसे जनपद न्यायाधीश आवश्यक या उचित समझें। सभी पीठासीन अधिकारी विहित प्रावधानों का कड़ाई से पालन करेंगे।
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अधिवक्ता अपने जमानत प्रार्थना पत्र, अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र व अन्य आवश्यक प्रार्थना पत्रों को दाखिल कराने के लिए न्यायालय द्वारा सृजित ई-मेल आईडी gorakhpurfiling@gmail.com का प्रयोग करेंगे। ईमेल से प्राप्त प्रार्थना पत्रों को कम्प्यूटर अनुभाग संबंधित न्यायालय को प्रेषित करेगा। अधिवक्ताओं को कम्प्यूटर अनुभाग द्वारा ई कोर्ट एप के कार्य प्रणाली की सूचना दी जाएगी।
अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के सहायता के लिए मोबाइल नंबर 9415858767 व 8004678309 हेल्प लाइन के रूप में जारी किए गए हैं। सिस्टम अधिकारी वर्चुअल कोर्ट रूम में आवश्यक व्यवस्था करे जिससे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की जा सके। न्यायालयों में अधिवक्ताओं के लिए केवल चार कुर्सियां रहेंगी ।
न्यायालय में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी व कोर्ट मैनेजर उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए केंद्र व राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करेंगे। कोर्ट परिसर का सैनिटाइजेशन तथा प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग रोजाना कराई जाएगी।
अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के सहायता के लिए मोबाइल नंबर 9415858767 व 8004678309 हेल्प लाइन के रूप में जारी किए गए हैं। सिस्टम अधिकारी वर्चुअल कोर्ट रूम में आवश्यक व्यवस्था करे जिससे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की जा सके। न्यायालयों में अधिवक्ताओं के लिए केवल चार कुर्सियां रहेंगी ।
न्यायालय में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी व कोर्ट मैनेजर उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए केंद्र व राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करेंगे। कोर्ट परिसर का सैनिटाइजेशन तथा प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग रोजाना कराई जाएगी।