कोरोना का असर: गोरखपुर बीआरडी ओपीडी की भीड़ पहुंची जिला अस्पताल, एक साथ पहुंचे 1600 से अधिक मरीज
- आधे समय की ओपीडी में पहुंचे 1600 से अधिक मरीज
- पहले दिन 248 मरीजों ने टेलीमेडिसिन सुविधा का लिया लाभ
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गोरखपुर में कोरोना संक्रमण के कारण बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी पूरी तरह से बंद कर दी गई है। इससे वहां के मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल आ गए। ऐसे में जिला अस्पताल में भीड़ बढ़ गई। स्थिति ऐसी रही कि 12 बजे तक 1600 मरीज जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे। जबकि डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती की वजह से 12 आधे समय तक ही ओपीडी चली। इस बीच 248 मरीजों ने टेलीमेडिसिन का सहारा लिया।
बुधवार को सबसे ज्यादा भीड़ जिला अस्पताल में रही। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की सामान्य ओपीडी बंद होने के कारण लौटे मरीज जिला अस्पताल पहुंच गए। करीब 1600 मरीजों का इलाज हुआ। ऑफलाइन ओपीडी में मरीजों की जबरदस्त भीड़ रही। सबसे ज्यादा मरीज मेडिसिन विभाग में आए।
इसके अलावा पीडियाट्रिक, आर्थोपेडिक, साइकाइट्रिक, ईएनटी समेत कई विभागों में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। जिला अस्पताल के एसआईसी ने बुधवार से टेलीमेडिसिन की शुरुआत भी कर दी है। पहले दिन 248 मरीजों टेलीमेडिसिन का लाभ लिया है। इस बीच कुछ मरीजों ने डॉक्टरों के पास रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए भी फोन किया।
बीआरडी में साढ़े चार हजार मरीजों की होती है ओपीडी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी पूरी तरह से बंद रही। यहां पर औसतन करीब साढ़े चार हजार मरीज इलाज कराने प्रतिदिन आते हैं। मेडिकल कॉलेज में बुधवार से टेलीमेडिसिन ओपीडी शुरू की गई है। इसके लिए चार नंबर जारी किए गए हैं। एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है। पहले दिन सिर्फ 56 मरीजों ने फोन पर सलाह ली।
निजी चिकित्सक सीमित कर रहे ओपीडी
जिले में बुजुर्ग निजी चिकित्सकों ने ओपीडी को सीमित कर दी है। फिजीशियन डॉ. आरपी त्रिपाठी ने बताया कि अब वह दिन में सिर्फ एक बार ही ओपीडी का संचालन कर रहे हैं। इसके अलावा शहर के एक दर्जन से अधिक डॉक्टरों ने ओपीडी को पूरी तरह से सीमित कर दिया है।