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गोरखपुर: शस्त्र लाइसेंस बनने भर से खत्म हो गया जान को खतरा, जानिए क्या है पूरा मामला
Wed, 05 Jan 2022 03:26 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 05 Jan 2022 03:26 PM IST
सार
लाइसेंस बनने के बाद भी शस्त्र नहीं खरीदने पर प्रशासन ने 52 लाइसेंस निरस्त किए हैं। आवेदन करने वाले सभी राजघाट थाना क्षेत्र के हैं। आवेदन के समय तकरीबन हर आवेदक जान का खतरा बताकर ही शस्त्र लाइसेंस की जरूरत बताता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
जान को खतरा बताकर शस्त्र लाइसेंस तो बनवा लिया, मगर शस्त्र कभी खरीदा नहीं। बस, समयावधि खत्म होने पर उसे आगे बढ़वाते रहे। ऐसा करके उन्होंने एक दो साल नहीं, बल्कि एक से डेढ़ दशक गुजार दिए। कई बार नोटिस देने के बाद भी शस्त्र नहीं खरीदने वाले ऐस लाइसेंसधारियों के विरुद्ध अब जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिले के 52 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। ये सभी लाइसेंस एक ही थाना क्षेत्र राजघाट के हैं। अभी कुछ और लोगों के भी लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं।
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बता दें कि शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने पर दो तरह की रिपोर्ट लगती है। एक तहसील प्रशासन से और दूसरी पुलिस की। तहसील प्रशासन, आवेदक का निवास संबंधित जिले में ही है या नहीं इसकी तस्दीक करता है, जबकि पुलिस का काम यह जांचना होता है कि आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा तो नहीं दर्ज है। आवेदन के समय तकरीबन हर आवेदक जान का खतरा बताकर ही शस्त्र लाइसेंस की जरूरत बताता है।
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पूर्व में जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बहुत से करीबी लोगों ने उनकी पैरवी के बूते लाइसेंस बनवा लिया। मगर कुछ धन की कमी से शस्त्र नहीं खरीद पा रहे तो कुछ ऐसे है जिनके पास पहले से एक या दो असलहे हैं, जिसकी वजह से शस्त्र नहीं खरीद रहे। ये सभी नवीनीकरण करा-कराकर अपने लाइसेंस जिंदा रखे हुए थे। समय-समय पर प्रशासन की तरफ से ऐसे लोगों को नोटिस भी भेजा गया, मगर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर, अब ऐसे सभी लोगों के लाइसेंस निरस्त किए जा रहे हैं।
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डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि जांच में पाया गया है कि लाइसेंस बनने के लंबे समय बाद भी कुछ लोग शस्त्र नहीं खरीद रहे। ऐसे सभी लोगों को चिह्नित कर उनका लाइसेंस निरस्त किया जा रहा है। राजघाट थानाक्षेत्र के 52 ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।