गोरखपुर का गोलघर: गलियारा हो या सड़क, नोटिस के बाद भी कब्जे
कमिश्रर अनिल ढींगरा ने गोलघर गलियारे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश नगर आयुक्त को दिए हैं। कमिश्नर ने कहा कि नगर निगम के बोर्ड में गलियारे को खाली कराने का प्रस्ताव पारित हुआ है तो उसे सख्ती से अमल में लाएं।
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गोरखपुर शहर के गोलघर और उसके गलियारे कच्चे और पक्के कब्जों से पटे पड़े हैं। इसको लेकर पुलिस से लेकर प्रशासन तक ने कई अभियान चलाए। नगर निगम ने बोर्ड बैठक में फैसले के बाद दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कब्जे हटाने के नोटिस भी जारी कर दिए, मगर कोई टस से मस नहीं हुआ। अब नगर निगम सबकी सूची तैयार करके कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। नगर आयुक्त इसके लिए तैयारी करवा रहे हैं।
मियां बाजार के शेखू बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे गोलघर स्थित मुसाफिरखाना जाने के लिए घर से निकले थे। दोस्त शादाब ने बताया था कि काली मंदिर से यातायात की तरफ जाते समय बायीं तरफ पड़ता है। काली मंदिर के सामने ट्रैफिक पुलिस पीकेट के पास गाड़ी खड़ी कर दुकानों के सामने गलियारे से होकर मुसाफिरखाने को खोजते रहे।
करीब आधे घंटे तलाश के बाद एक दुकानदार से पूछा तो उसने बताया कि पीछे के गलियारे में सीढ़ी है, वो ऊपर मुसाफिरखाने की तरफ जाती है। वहीं, नंदानगर की नयनतारा सिंह गोलघर में खरीदारी करने आई थी। गलियारे में जाकर देखा तो जगह-जगह बंद था। ऐसे में वो जाने वाली दुकान का पता भूल गई। चौराहे पर पुलिसकर्मी से पूछा तो पता चला कि इंदिरा बाल विहार के आगे की तरफ वह दुकान है।
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ऐसा नजारा गोलघर में रोज ही दिखता है। जब पुराने लोग बाजार आते हैं तो अतिक्रमण देख भूल जाते हैं कि उन्हें किधर से जाना है। क्योंकि गोलघर जिस गलियारे के चलते पहचाना जाता था, उस पर कब्जा हो चुका है। प्रशासन कितना भी अभियान चला ले और कब्जे को हटवा ले मगर एक-दो दिन बाद फिर से वह अपनी जगह पर पहुंच जाता है। गोलघर में लोगों के पैदल चलने के लिए बना गलियारा पूरी तरह व्यापारियों के कब्जे में है। किसी ने उसमें सामान रखकर अपना कब्जा जमाया तो किसी ने स्थायी निर्माण करवा लिया।
गलियारे पर इस अतिक्रमण का नतीजा यह हुुआ कि लोगों के पैदल चलने के लिए रास्ता नहीं बचा। दुकान के सामने ग्राहकों की गाड़ी खड़ी होने लगी और इस तरह पूरा रास्ता जाम होने लगा। कुछ दिनों पहले नगर निगम की टीम ने अभियान चलाकर गलियारे को खाली करवाया था, लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद ही स्थिति पहले जैसी हो गई।
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कहीं जनरेटर तो कहीं पर कपड़ा
गणेश चौराहे से इंदिरा बाल विहार की तरफ गलियारे में कहीं जनरेटर रखा हुआ है तो कहीं पर दीवार खड़ी हो गई है। इसकी आड़ में कई दुकानदारों ने अपना कुछ सामान ग्राहकों को लुभाने के लिए बाहर रख लिया। काली मंदिर के सामने से गणेश चौराहा की तरफ बढ़ने पर ज्यादातर दुकानों के सामने गलियारे में टायर, कंबल, गाड़ी पार्किंग कर जगह घेर रखी थी। लोग मजबूरन रास्ता नहीं होने पर गलियारे की जगह सड़क के पैदल पाथवे से होकर बाजार में आ-जा रहे हैं। जबकि, नगर निगम ने कुछ दिन पहले कार्रवाई करने के साथ लोगों को नोटिस देकर, अनाउंस करवाकर दुकानों पर जाकर अवैध कब्जे और गलियारे को मुक्त रखे जाने की अपील की थी।
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नगर आयुक्त के निर्देश के बाद भी जोनल सुस्त
4 जनवरी को नगर निगम की बोर्ड बैठक में तय हुआ था कि बाजारों में नगर निगम की दुकानों के गलियारे में अवैध कब्जा या अतिक्रमण मिला तो दुकान का आवंटन रद्द होगा। जुर्माना लगाया जाएगा। नगर आयुक्त के निर्देश पर अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने इसे लेकर प्रचार-प्रसार करने के साथ जोन अधिकारियों को निर्देशित किया था। दो दिन के अंदर जोनल को अपने क्षेत्र में नगर निगम की आवंटित दुकानें और गलियारे में अवैध कब्जे की रिपोर्ट देनी थी। पत्रावलियों के आधार पर इन दुकानों का आवंटन रद्द करने के साथ जुर्माना भी लगाया जाना था। लेकिन, न जोनल रिपोर्ट तैयार कर सके और न दुकानदारों ने अवैध कब्जा हटाया।
जलकल के पास गलियारे पर बन चुकी है स्थायी दुकानें
जलकल भवन से चंद कदम आगे बढ़ने पर बिजली दफ्तर की दुकानों से स्थायी निर्माण है। सड़क से जलकल की तरफ जाने पर बिजली दफ्तर के ठीक पीछे का कटरा और दफ्तर से लेकर जलकल भवन तक। यहां गलियारा दिखता ही नहीं। गलियारे पर लोगों ने आगे बढ़कर स्थायी निर्माण करवा रखा है। जलकल से प्रेसीडेंट होटल की तरफ बढ़ने पर गलियारे में लोगों ने सामान रखा है।
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अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने कहा कि जोनल प्रभारियों को गोलघर समेत अन्य बाजारों में दुकान के सामने गलियारों में हुए अवैध कब्जे की सूची तैयार करनी थी। सरकारी अवकाश होने की वजह से यह सूची तैयार नहीं हो पाई है। सूची तैयार किए जाने को लेकर शुक्रवार को सभी जोनलों को निर्देशित किया जाएगा। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई और आवंटन रद्द की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
खाली कराएं गोलघर गलियारे से अतिक्रमण : कमिश्नर
कमिश्रर अनिल ढींगरा ने गोलघर गलियारे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश नगर आयुक्त को दिए हैं। कमिश्नर ने कहा कि नगर निगम के बोर्ड में गलियारे को खाली कराने का प्रस्ताव पारित हुआ है तो उसे सख्ती से अमल में लाएं।
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गोलघर गलियारे में बहुत सारे दुकानदारों ने दुकान के आगे कब्जा जमा लिया है, जिससे गलियारे से आना-जाना बंद हो गया है। इसे संज्ञान में लेते हुए कमिश्नर ने कहा कि इस मामले में नगर निगम को निर्देश दिया गया कि है वे जांच कराकर कार्रवाई करें। गलियारे पर अतिक्रमण की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि सड़क के किनारे लगे बिजली के खंभों को भी हटवाया जाएगा। इसके लिए बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। विभाग की ओर से बिजली खंभों को शिफ्ट कराने के लिए एस्टीमेट तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है। उन्हें भी पत्र लिखकर शीध्र बिजली के खंभों को हटाने के लिए पत्र जारी किया जाएगा।