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गोड़धोइया नाला प्रकरण: सर्वे पूरा, जल्द जारी होगी अधिग्रहित हिस्से की सूची
Tue, 08 Aug 2023 01:03 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 08 Aug 2023 01:03 PM IST
सार
गोड़धोइया नाला परियोजना के तहत 500 से अधिक मकान प्रभावित हो रहे हैं। इन मकानों का मूल्यांकन पीडब्ल्यूडी ने किया है। इसमें से अब तक केवल 26 लोगों ने रजिस्ट्री कराई है। राजस्व विभाग, जल निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है।
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गोड़धोइया नाला
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोड़धोइया नाला के जीर्णोद्धार को लेकर राजस्व, जल निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने अंतिम चरण का सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे के आधार पर प्रभावित हो रहे लोगों की सूची बनाई जा रही है। किसकी संपत्ति का कितना हिस्सा अधिग्रहित होगा, जल्द ही इसकी सूचना जारी होगी।
सर्वे के बाद अब तहसील प्रशासन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को तेज करने में जुटा है। उधर, राजनगर कॉलोनी में बैठक करके लाेगों ने मकान तोड़ने का विरोध जताया।
गोड़धोइया नाला परियोजना के तहत 500 से अधिक मकान प्रभावित हो रहे हैं। इन मकानों का मूल्यांकन पीडब्ल्यूडी ने किया है। इसमें से अब तक केवल 26 लोगों ने रजिस्ट्री कराई है। राजस्व विभाग, जल निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन मकानों को अधिग्रहित किया जा रहा है, उनका मुआवजा पीडब्ल्यूडी की ओर से किए गए मूल्यांकन के आधार पर दिया जाएगा।
इसे भी पढ़ें: पोखरी की जमीन से अतिक्रमण हटवाने के लिए लगाया जाम, अफसरों ने कार्रवाई का दिया भरोसा
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दूसरी तरफ, सोमवार की शाम पांच बजे राजनगर कॉलोनी में बैठक कर लोगों ने नाला जीर्णोद्धार के लिए पक्का मकान तोड़ने के कार्य का विरोध किया। लोगों ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि नाले की चौड़ाई कम की जाए तो मकान टूटने से बच जाएंगे।
जीवनभर की कमाई को प्रशासन एक पल में बुलडोजर चलाकर ढहाने पर आमादा है। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान प्रमोद सिंह, जगशेर सिंह, अमर मिश्रा, राकेश शर्मा, अमरनाथ उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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सर्वे के बाद अब तहसील प्रशासन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को तेज करने में जुटा है। उधर, राजनगर कॉलोनी में बैठक करके लाेगों ने मकान तोड़ने का विरोध जताया।
गोड़धोइया नाला परियोजना के तहत 500 से अधिक मकान प्रभावित हो रहे हैं। इन मकानों का मूल्यांकन पीडब्ल्यूडी ने किया है। इसमें से अब तक केवल 26 लोगों ने रजिस्ट्री कराई है। राजस्व विभाग, जल निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन मकानों को अधिग्रहित किया जा रहा है, उनका मुआवजा पीडब्ल्यूडी की ओर से किए गए मूल्यांकन के आधार पर दिया जाएगा।
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दूसरी तरफ, सोमवार की शाम पांच बजे राजनगर कॉलोनी में बैठक कर लोगों ने नाला जीर्णोद्धार के लिए पक्का मकान तोड़ने के कार्य का विरोध किया। लोगों ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि नाले की चौड़ाई कम की जाए तो मकान टूटने से बच जाएंगे।
जीवनभर की कमाई को प्रशासन एक पल में बुलडोजर चलाकर ढहाने पर आमादा है। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान प्रमोद सिंह, जगशेर सिंह, अमर मिश्रा, राकेश शर्मा, अमरनाथ उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।