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गोरखपुर: ग्रामीणों को लगा झटका, गोड़धोइया नाले का ज्यादा नहीं मिलेगा मुआवजा
Tue, 11 Oct 2022 12:05 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 11 Oct 2022 12:05 PM IST
सार
गोरखपुर जिले के गोड़धोइया नाले के नए सिरे से निर्माण एवं सुंदरीकरण परियोजना के शुरू होने पर मुआवजे के तौर पर मोटी रकम मिलने की आस पाले लोगों को बड़ा झटका लग सकता है।
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गोड़धोइया नाला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के गोड़धोइया नाले के नए सिरे से निर्माण एवं सुंदरीकरण परियोजना के शुरू होने पर मुआवजे के तौर पर मोटी रकम मिलने की आस पाले लोगों को बड़ा झटका लग सकता है। नाले के आस-पास निर्माण कराकर बस चुके लोगों ने आबादी के सर्किल रेट के दोगुने के बराबर मुआवजे मिलने की उम्मीद लगा रखी है। लेकिन, प्राकृतिक नाले को लेकर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बहुत कम मुआवजा मिलेगा।
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नाले के दायरे में निर्माण या जिनकी जमीन है, उन्हें नजदीकी गांव की कृषि भूमि के सर्किल रेट के 60 प्रतिशत के बराबर मुआवजा मिलेगा। जिनकी जमीन नाले से बाहर है, उन्हें सामान्य मुआवजा मिलेगा। मुआवजे की नई दरें तय करने के लिए सदर तहसील प्रशासन की ओर से सर्वे कराया जा रहा है।
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शहर में जलभराव की समस्या को दूर करने एवं रामगढ़ताल के पानी को शुद्ध करने के लिए गोड़धोइया नाले को पक्का बनाने व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की परियोजना बनाई गई है। करीब 1700 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 10 किलोमीटर लंबे नाले को पक्का बनाने, दोनों ओर पांच-पांच मीटर चौड़ी सड़क बनाने, 21 पुलिया के निर्माण, सीवरलाइन व एसटीपी लगाना शामिल है।
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सीवर लाइन की परियोजना पर करीब 713 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुआवजे की रकम शुरू में करीब 600 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन बाद में नाले की चौड़ाई शुरू में 10 मीटर व बाद में 20 मीटर कर दी गई है। इससे यह रकम करीब 400 करोड़ रुपये हो गई।
नए नियम से मुआवजे की रकम और कम हो सकती है। प्राकृतिक नाले व सड़क के निर्माण में कितनी जमीन अधिगृहीत करनी पड़ेगी इसे लेकर फाइनल सर्वे चल रहा है। प्राकृतिक नाले को लेकर पुराने नियमों एवं हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में प्रशासन मुआवजे की रकम कम करेगा।
डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि जिनकी जमीन नाले के भीतर आएगी, उन्हें मुआवजे के रूप में टोकन मनी दी जाएगी। इस संबंध में हाईकोर्ट का आदेश भी है। नजदीकी गांव के कृषि भूमि के मूल्य के 60 प्रतिशत के बराबर मुआवजा दिया जाएगा। आबादी के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
नए नियम से मुआवजे की रकम और कम हो सकती है। प्राकृतिक नाले व सड़क के निर्माण में कितनी जमीन अधिगृहीत करनी पड़ेगी इसे लेकर फाइनल सर्वे चल रहा है। प्राकृतिक नाले को लेकर पुराने नियमों एवं हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में प्रशासन मुआवजे की रकम कम करेगा।
डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि जिनकी जमीन नाले के भीतर आएगी, उन्हें मुआवजे के रूप में टोकन मनी दी जाएगी। इस संबंध में हाईकोर्ट का आदेश भी है। नजदीकी गांव के कृषि भूमि के मूल्य के 60 प्रतिशत के बराबर मुआवजा दिया जाएगा। आबादी के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जाएगा।