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GIS सर्वे: टैक्स निर्धारण में भी मिल रही है गड़बड़ी, जानिए कैसे?
Wed, 31 Aug 2022 12:23 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 31 Aug 2022 12:23 PM IST
सार
सूर्य विहार कॉलोनी निवासी नीता पांडेय का ईडब्ल्यूएस श्रेणी का मकान है। मकान का आकार करीब 430 वर्ग फीट है। इसके ऊपर दूसरी मंजिल भी बनी हुई है, लेकिन जीआईएस सर्वे करने वाली कंपनी द्वारा इस मकान का आकार 600 वर्ग फीट दिखाते हुए कुल 1,200 वर्ग फीट का टैक्स निर्धारित कर दिया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले के नगर निगम क्षेत्र में जीआईएस सर्वे के भवनों के टैक्स निर्धारण में भी मनमानी हो रही है। ऐसा ही मामला सूर्य विहार कॉलोनी में सामने आया है। मकान के आकार की तुलना में गलत आकार दिखाकर मकान का टैक्स तकरीबन छह गुना बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर नगर निगम के उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा ने संबंधित जोन के अधिकारी के अलावा नगर आयुक्त से इसमें सुधार कराने की मांग की है।
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दरअसल सूर्य विहार कॉलोनी निवासी नीता पांडेय का ईडब्ल्यूएस श्रेणी का मकान है। मकान का आकार करीब 430 वर्ग फीट है। इसके ऊपर दूसरी मंजिल भी बनी हुई है, लेकिन जीआईएस सर्वे करने वाली कंपनी द्वारा इस मकान का आकार 600 वर्ग फीट दिखाते हुए कुल 1,200 वर्ग फीट का टैक्स निर्धारित कर दिया गया है।
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इसके अलावा मकान की आयु के आधार पर दी जाने वाली छूट का लाभ भी मकान मालिक को नहीं दिया गया है। ऐसे में कंपनी द्वारा मकान पर पूर्व निर्धारित टैक्स की तुलना में टैक्स को छह गुना तक बढ़ा दिया गया। भवन मालिक नीता पांडेय ने इस संबंध में नगर निगम के उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा को ज्ञापन दिया था।
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इस तरह टैक्स का होता है निर्धारण
नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग इलाके में टैक्स निर्धारण का दर अलग अलग होता है। सूर्य विहार कॉलोनी में यह दर प्रति वर्ग फुट 80 पैसे है। वहीं मकान के 10 साल से पुराना होने पर टैक्स निर्धारण में 25 प्रतिशत की, 20 साल से ज्यादा पुराना मकान होने पर 32 प्रतिशत और 30 साल से ज्यादा पुराना होने पर टैक्स निर्धारण में 40 प्रतिशत तक की छूट मिलती है। प्रति मंजिल के हिसाब से यह टैक्स निर्धारित होता है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि जीआईएस सर्वे द्वारा निर्धारित टैक्स में अगर किसी भी व्यक्ति को शिकायत है तो उसमें सुधार किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति इस संबंध में नगर निगम में आवेदन दे सकता है। जांच के बाद इसमें सुधार कर दिया जाएगा।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि जीआईएस सर्वे द्वारा निर्धारित टैक्स में अगर किसी भी व्यक्ति को शिकायत है तो उसमें सुधार किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति इस संबंध में नगर निगम में आवेदन दे सकता है। जांच के बाद इसमें सुधार कर दिया जाएगा।