गोरखपुर: PMU गठित करने वाला प्रदेश का पहला प्राधिकरण बनेगा GDA, विकास को गति देने में मिलेगी मदद
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि परियोजनाओं में नई तकनीक का पूरा इस्तेमाल करने के साथ ही कार्ययोजना बनाने और समय से गुणवत्ता के साथ इसे पूरा करने के लिए पीएमयू की स्थापना की जा रही है।
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शहर के सुनियोजित विकास और अपनी योजनाओं को गति देने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) की स्थापना करने जा रहा है। जीडीए, प्रदेश का पहला ऐसा प्राधिकरण होगा जो पीएमयू की स्थापना करेगा।
यह यूनिट निजी कंसलटेंसी फर्म के माध्यम से स्थापित होगी और इसमें तकनीकी तौर पर दक्ष 12 सदस्य शामिल होंगे। प्राधिकरण ने इसके लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) प्रकाशित कर इच्छुक फर्मों से आवेदन मांगे हैं।
प्राधिकरण के नवागत उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि प्राधिकरण के कार्य क्षेत्र में निरंतर आ रही नई तकनीकी को समझने के लिए पीएमयू की स्थापना की जरूरत महसूस की जा रही थी।
प्राधिकरण के पास जीआइएस सर्वे का डेटा है मगर योजनाओं में इसकी पूरी मदद नहीं ली जा पा रही है। इसी तरह से नई तकनीक को अपनाने और उसके उपयोग को लेकर भी कई अन्य समस्याएं आ रही थीं, जिसपर प्राधिकरण ने पीएमयू के स्थापना का निर्णय किया है।
जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि अर्बन प्लानर इस टीम का नेतृत्व करेंगे। पीएमयू की स्थापना तीन साल के लिए की जाएगी। इसे बाद में दो साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इसके सदस्यों को प्राधिकरण समय-समय पर बदल भी सकेगा।
पीएमयू की स्थापना से ये लाभ मिलेंगे
पीएमयू, जीडीए की आने वाली ग्रुप हाउसिंग, सांस्थानिक प्रशासनिक भवन, नगर नियोजन आदि परियोजनाओं का विस्तृत सर्वे करेगी। विस्तृत डिजाइन, ड्राइंग एवं टेंडर प्रपत्र भी तैयार करने की जिम्मेदारी इसी यूनिट के पास होगी। इन परियोजनाओं को समय से पूरा कराने में भी सहयोग करेगी।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि परियोजनाओं में नई तकनीक का पूरा इस्तेमाल करने के साथ ही कार्ययोजना बनाने और समय से गुणवत्ता के साथ इसे पूरा करने के लिए पीएमयू की स्थापना की जा रही है। ऐसा करने वाला जीडीए, प्रदेश का पहला प्राधिकरण होगा। आरएफपी जारी कर दी गई है। एक महीने में यूनिट की स्थापना हो जाएगी।