पागल कहने पर भड़का शिकायतकर्ता: IGRS पर की शिकायत, बोला- गगहा थाने के दरोगा दिमाग के डॉक्टर हैं क्या
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने आईजीआरएस पर बिगड़ी पुलिस की छवि को सुधारने के लिए नोडल अफसर को निर्देशित किया है। अफसरों का कहना है कि समझाने और सुनने के बाद भी बार-बार शिकायतें करके परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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घर बैठे मुख्यमंत्री से शिकायत करने की ऑनलाइन सुविधा आईजीआरएस के पीछे का सच सामने आया तो पुलिस अफसर भी हैरान हो गए हैं। 875 शिकायतें कर चुका शख्स मुख्यमंत्री से यह पूछ रहा है, कि वे बताएं.. गगहा थाने पर तैनात दरोगा दिमाग का डॉक्टर हैं क्या। ऐसे ही एक शिकायत शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी करते हैं। 2142 बार शिकायत कर यह एक महिला सिपाही को अपनी पत्नी बताते हैं, जिससे दुष्कर्म के आरोप में यह जेल भी जा चुके हैं। यह कहते हैं, पुलिस साबित करे कि वह मेरी पत्नी है या नहीं, स्पष्ट कर लें।
मुकदमों के आरोपियों ने तीन महीने के भीतर ही आईजीआरएस पर 23 शिकायतें दर्ज कराई हैं। अब पुलिस महकमे ने ऐसे 35 लोगों को चिन्हित भी कर लिया है, जिसने उनकी नींद उड़ा रखी है।
जानकारी के मुताबिक, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने आईजीआरएस पर बिगड़ी पुलिस की छवि को सुधारने के लिए नोडल अफसर को निर्देशित किया है। अफसरों का कहना है कि समझाने और सुनने के बाद भी बार-बार शिकायतें करके परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
नोडल अफसर एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने जिले से सर्वाधिक शिकायत करने वाले 35 फरियादियों के बारे में पत्रावली निकाली तो उनके होश उड़ गए। एक-एक करके फरियादियों से पुलिसकर्मियों ने बातचीत कर सुना तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 87 में से 35 ऐसे मिले, जिनकी शिकायतें उल-जुलूल पाई गईं। इनमें बुजुर्ग मां पर तौलिया हड़पने का आरोप लगाने का मामला भी शामिल है। एसपी का मानना है कि कुछ शिकायतें गलत इरादे से की गई हैं। जांच में सच सामने आएगा। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक ही शख्स ने पुलिस-तहसील में कीं 731 शिकायतें
आईजीआरएस शिकायत की समीक्षा में एक युवक ऐसा मिला, जो अब तक 731 शिकायतें कर चुका है। बिजरू गांव निवासी विवेक दुबे ने बीते तीन महीने में ही 431 शिकायतें दर्ज कराई हैं। 300 शिकायत पहले की थी। 100 शिकायती पत्र पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को दे चुका है।
इस प्रकरण से हैरान एसपी ने खुद शिकायतकर्ता विवेक दुबे से बात की तो सच सामने आ गया। उसने बताया कि जमीन का विवाद है। फिर एसपी ने समझाया कि पहले भी आप को जवाब दिया जा चुका है कि आप के मामले का तहसील से ही निपटारा हो सकता है। इस पर अगला जवाब जो मिला, एसपी हैरान हो गए। उसने बताया कि वहां पर भी इतनी ही शिकायत कर चुका हूं।
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एक ही शख्स की कई शिकायतों से किरकिरी
अगर आईजीआरएस पर एक ही शख्स एक से ज्यादा शिकायत करता है तो उसकी गिनती एक में नहीं, बल्कि जितनी शिकायतें करता है, उतनी बार होती है। यही वजह है कि असंतुष्ट लोगों के आधार पर जिले की रैंकिंग पिछड़ने पर एसएसपी ने मेगा आईजीआरएस मेले का आयोजन किया था। अकेले 35 लोग ऐसे हैं, जिसकी वजह से आंकड़ों में 1,700 से ज्यादा लोग असंतुष्ट नजर आते हैं।
70 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा संभव ही नहीं
राजस्व व जमीन से जुड़े 70 प्रतिशत मामले ऐसे हैं, जिसका निपटारा सीधे तौर पर पुलिस कर ही नहीं कर सकती है। इन मामलों के निपटारे में मुख्य भूमिका राजस्व टीम की रहती है। फरियादियों को राजस्व विभाग में शिकायत करने की सलाह दी गई, ताकि समस्या का समाधान हो सके।
एसएसपी ने लगाया था मेगा कैंप, तब भी खुला था मामला
आईजीआरएस पर किरकिरी होने पर मार्च 2022 में एसएसपी रहे डॉ. विपिन ताडा ने मेगा कैंप लगाया था। उसमें 84 लोग ऐसे मिले थे, जो जिले के आईजीआरएस की छवि को बिगाड़ रहे थे। इसके बाद ही पुलिस ने सख्ती की तो कुछ लोग कम तो हो गए, लेकिन अभी तक इसे पूरी तरह से रोका नहीं जा सका है।
केस एक
दरोगा के खिलाफ 875 शिकायतें दे चुके हैं ओमजी
गगहा इलाके के दरोगा के खिलाफ ओमजी आईजीआरएस पर 875 शिकायतें दे चुके हैं। उसका कहना है कि वह कुछ समय पहले गगहा थाने पर गया था। फरियाद सुनने की जगह दरोगा ने पागल कह दिया। अब आप ही बताए कि वह दरोगा है या डॉक्टर, जिन्होंने यह बता दिया कि मैं पागल हूं। उनका यह कहना भी है कि उनके साथ बैंक में भी एक बार ऐसा ही हुआ था।
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केस दो
दुष्कर्म में फंसा था.. कहता है पत्नी है
अयोध्या में रहने वाले रमेश त्रिपाठी यहां शहर में किराये के मकान में रहते हैं और शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। आईजीआरएस पर 2142 शिकायतें कर चुके हैं। वह एक महिला सिपाही से दुष्कर्म के आरोप में जेल भी जा चुके हैं। इनका कहना है कि पुलिस जांच कर साबित करे कि महिला सिपाही उनकी पत्नी है स्पष्ट करें। इसे लेकर यह अधिकारियों को मिलकर भी प्रार्थना पत्र दे चुके हैं।
इलामुल हक ने आईजीआरएस पर की 209 शिकायतें
महराजगंज के बृजमनगंज के इलामुल हक आईजीआरएस पर 209 शिकायतें कर चुके हैं। इनका कहना है कि जमीन विवाद का निपटारा नहीं हो रहा है। जमीन गांव के डीह की है, इस वजह से कागज नहीं है और निपटारा नहीं हो सकता है। पुलिस इनसे हर बार अपने जिले के प्रशासनिक अफसर से संपर्क करने की सलाह देती है, लेकिन एक जवाब आने के बाद फिर से असंतुष्ट होने का प्रार्थना पत्र भेज देते हैं।
केस चार
रिपोर्ट न लगने से परेशान है शख्स
उरुवा बाजार के रिजवान का आरोप है कि रुपये के लिए पुलिस पासपोर्ट मामले में रिपोर्ट नहीं लगा रही है। प्रार्थना पत्र की जांच कराई गई तो पता चला कि रिजवान पर सात अलग-अलग गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अब मुकदमा दर्ज होने की वजह से नियमानुसार पुलिस रिपोर्ट लगा ही नहीं सकती है। पुलिस रिपोर्ट लगाती है कि केस दर्ज हैं तो कैसे होगा? इसपर रिजवान का जो जवाब आता है, वह और चौंकाने वाला था। उसने बताया था कि केस को खत्म करा लूंगा, बस आप निर्देश दे दें।
(नोडल अफसर आईजीआरएस) एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि बार-बार आईजीआरएस पर शिकायत करने वाले ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया है, जिनकी समस्या का समाधान पुलिस से संभव नहीं है। पहले भी ऐसे लोगों को बुलाकर समझाया गया था। एक बार फिर इनसे संपर्क कर समझाने की कोशिश की जाएगी। ऐसे लोगों के प्रकरण की जांच भी कराई जा रही है, अगर यह सिर्फ परेशान करने के लिए आईजीआरएस डाल रहे तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।