लालच में फंसकर फल विक्रेता ने गंवाए 60 हजार, कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जालसाजों पर दर्ज किया केस
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उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में लालच में फंसकर ठेले पर फल बेचने वाला 60 हजार रुपये गंवा बैठा। एक कंपनी का डॉक्टर बताकर जालसाज ने उसे कंपनी की ओर से 50 हजार रुपये का चेक देने के नाम पर कई बार में टैक्स लगने की बात कह कर 60 हजार अपने बैंक खाते में मंगा लिया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को दो जालसाजों पर केस दर्ज किया।
जिले के कोतवाली क्षेत्र के सरौली निवासी लक्ष्मण का कहना है कि उसके परिवार में माता-पिता समेत सात सदस्य हैं। वह ठेले पर फल बेचता है। आरोप है कि दिसंबर-2018 में एक विज्ञापन के मोबाइल फोन नंबर पर संपर्क करके गैस व कब्ज की दवा मंगाई। उस दवा के सेवन से स्वास्थ्य लाभ हुआ। कंपनी के डॉक्टर ने अलग-अलग नंबरों से फोन करके एक महीने और दवा खाने की सलाह दी। उसके बाद दोबारा एक महीने का दवा मंगाई।
जून-2019 में कंपनी के डॉक्टर ने फोन करके बताया कि लगातार दवा खाने से कंपनी खुश होकर उसके नाम से 50 हजार रुपये का चेक जारी किया है। इसके लिए खाता नंबर मांगा। उसने आनन फानन में पीएनबी में खाता खोलवाया और कंपनी के डॉक्टर के मोबाइन नंबर पर खाता नंबर भेज दिया।
कंपनी के डॉक्टर ने 15000 रुपये सेलटैक्स लगने की बात बताई और कहा कि उसके बाद ही खाते में 50 हजार की रकम जाएगी। उसने 15000 रुपये उसके बताए खाते में भेज दिया। फिर कंपनी के डॉक्टर ने झांसा दिया कि रकम 50 हजार से बढ़ाकर 1.70 लाख कर दी गई है। इसके लिए 25 हजार और टैक्स देना पडे़गा। उसने फिर 25 हजार भेज दिया।
इस तरह जालसाज ने फिर कहा कि कंपनी ने चेक की धनराशि बढ़ाकर ढाई लाख कर दी है और 15000 टैक्स लगेगा। तीसरी बार भी लक्ष्मण ने 15000 रुपये भेज दिया। फिर उसने चेक की धनराशि कंपनी की ओर से बढ़ाकर तीन लाख कर दिए जाने की जानकारी दी। उसने झांसा दिया कि कंपनी के कर्मी के घर शादी है और वह छुट्टी चला गया है।
बाद में जालसाज ने कहा कि चेक प्रमाणित करने वाले के पिता की मौत हो गई है। कंपनी के कुछ स्टाफ रिटायर्ड तो कुछ स्थानांतरित हो गए। दूसरे साहब आएंगे तभी आपके खाते में रुपये भेजेंगे। यदि 5000 रुपये और भेज दीजिए तो आपके खाते में चेक लगवा देंगे। लक्ष्मण ने फिर 5000 रुपये भेज दिया। वह किसी बड़े जालसाजी गैंग के जाल में फंस गया। उसने पता किया तो जिस खाता नंबर में उसने रकम भेजी थी, उसका नाम बबलू कुमार नडिवासी मुनेश्वर गुल्जार पोखर बिहार और रतनी देवी निवासी हीरापुर धनबाद झारखंड के नाम से है।
उक्त डॉक्टर ने अमानत में खयानत करके उसे 60 हजार लेकर हड़प लिया। पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन कोई कारवाई नहीं हुई। बाद में उसने कोर्ट की शरण ली। कोतवाल रवींद्र कुमार ने बताया कि बिहार के आरोपी बबलू कुमार और झारखंड की रतनी देवी के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना की जा रही है।