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गोरखपुर: सीलिंग की जमीन बेचने में कॉलोनाइजर समेत छह पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई

Sun, 28 Nov 2021 10:32 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 28 Nov 2021 10:32 AM IST
सार

महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर तीन में सीलिंग की जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में कोर्ट ने जमीन के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई है। इसके बावजूद कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 25 एकड़ जमीन बेच दी गई।

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Fraud case filed against six including colonizer for selling ceiling land in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

फर्जी दस्तावेज के सहारे गोरखपुर के महादेव झारखंडी के पास सीलिंग की करीब 25 एकड़ जमीन बेचने के मामले में कैंट पुलिस ने कॉलोनाइजर सहित छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई डीएम विजय किरण आनंद के आदेश पर हुई है। अब आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी होगी।  
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जानकारी के मुताबिक पवन प्रापर्टी डीलर एवं कॉलोनाइजर के संचालक रामलाल पासवान व उनकी पत्नी सिमिरती देवी, भाई रमाशंकर, सहयोगी जगदीश यादव व उनकी पत्नी आशा देवी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। दरअसल, सामाजिक कार्यकर्ता सोनू दूबे ने करीब एक माह पहले डीएम विजय किरन आनंद को शिकायती पत्र देकर बताया था कि महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर तीन में सीलिंग की जमीन है। इसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट ने जमीन के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई है।
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इसके बावजूद पवन प्रापर्टी डीलर व कॉलोनाइजर्स के संचालक रामलाल पासवान व उनकी पत्नी सिमिरती देवी, भाई रमाशंकर, सहयोगी जगदीश यादव व उनकी पत्नी आशा देवी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने लगे। वर्ष 2011 से अब तक आरोपियों ने करीब 25 एकड़ जमीन बेची है। 130 से अधिक लोगों को बैनामा किया जा चुका है। डीएम के निर्देश पर इस मामले की जांच कर रिपोर्ट दी गई है। अब कैंट पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। केस भी डीएम के आदेश पर हुआ है।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर कुलदीप मीणा ने बताया कि बेची गई जमीन की कीमत 33 करोड़ के करीब है। आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार करके सीलिंग की जमीन बेची है। इंस्पेक्टर कैंट मधुपनाथ मिश्र ने बताया कि आदेश के क्रम में इस मामले में आरोपित कॉलोनाइजर समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।


सवालों के घेरे में राजस्व महकमा व रजिस्ट्री कार्यालय की भूमिका
सीलिंग की जमीन बेचे जाने के मामले में राजस्व महकमा व रजिस्ट्री कार्यालय भी सवालों के घेरे में है। शहर के बीचोबीच सीलिंग की जमीन बेच दी गई, फिर भी किसी ने सुधि नहीं ली। रजिस्ट्री कार्यालय ने सिर्फ अपने आय की चिंता की और रजिस्ट्री करके शुल्क जमा करा लिया। क्षेत्रीय कानूनगो, लेखपाल, नायाब तहसीलदार तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। अब मामला खुलकर सामने आया तो सब सांसत में हैं। अब सवाल उठता है कि क्या सरकारी महकमे के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई होगी।
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