ओटीपी पूछ दूसरे के खाते से खरीद लिया 75 हजार का मोबाइल फोन, चार जालसाज गिरफ्तार
- जालसाज से मोबाइल फोन खरीदने वाले दुकानदारों ने उसे ओएलएक्स पर बेचा
- बलदेव प्लाजा के एक मोबाइल फोन दुकानदार की तलाश में जुटी पुलिस
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दूसरे के खाते से 75 हजार रुपये का ऑनलाइन मोबाइल फोन खरीद कर उसे बेचने वाले चार जालसाजों को सोमवार को क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस बलदेव प्लाजा के एक मोबाइल फोन के दुकानदार की तलाश कर रही है।
सोमवार को पुलिस लाइंस में मामले के बारे में जानकारी देते हुए एसपी क्राइम अशोक वर्मा ने बताया कि बीते 13 जनवरी को पीपीगंज इलाके के कृष्ण कुमार के खाते से ओटीपी पूछ कर 75 हजार रुपये ऑनलाइन निकासी की गई थी। जांच के बाद पीपीगंज थाने में 27 अगस्त को केस दर्ज किया गया था। घटना की पर्दाफाश के लिए पुलिस व क्राइम ब्रांच की साइबर सेल को लगाया गया।
जांच में सामने आया कि पीपीगंज के नगरा निवासी आमोद कुमार शुक्ला उर्फ दीपक के घर अक्सर कृष्ण कुमार आते थे। वह अपना एटीएम कार्ड आमोद को देकर रकम निकालने एटीएम पर भेज देते थे। जिसका फायदा उठाकर उसने 13 जनवरी को कृष्ण कुमार के रजिस्टर्ड मोबाइल फोन नंबर पर आए ओटीपी को प्राप्त कर चोरी से इंटरनेट बैंकिंग शुरू कर दी।
उसने अमेजन वन प्लस से 75 हजार रुपये में दो मोबाइल फोन खरीद लिए। बाद में आमोद ने खरीदे गए दोनों मोबाइल फोन को दो दुकानदारों को बेच दिया। उन दुकानदारों ने दोनों मोबाइल फोन को ओएलएक्स के जरिए दूसरों को बेच दिया।
आरोपितों को छोड़ने के लिए पुलिस के पास आए कई फोन
इस मामले में पुलिस ने आमोद कुमार शुक्ला, तारामंडल निवासी निखिल रंजन, भरवलिया निवासी अभिषेक मौर्या, सहजनवां के बनौड़ा निवासी आनंद गौड़ को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस को बलदेव प्लाजा के मोबाइल फोन दुकानदार अजीम की तलाश है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में सहजनवां इंस्पेक्टर पंकज कुमार, साइबर सेल के दरोगा महेश कुमार चौबे, सिपाही शशि शंकर राय, शशिकांत जायसवाल व नीतू नाविक शामिल रहे।
एसपी क्राइम ने बताया कि आमोद ने इनफार्मेशन टेक्नालॉजी से बीएससी किया है। वहीं निखिल रंजन ने खलीलाबाद के एक कॉलेज से एमकाम किया है। उसका तारामंडल इलाके में इलेक्ट्रानिक उपकरणों का शोरूम है। उसके पिता बैंक मैनेजर हैं। अखिलेश मौर्या का तारामंडल इलाके में कांपलेक्स है। वह डीवीएन पीजी कॉलेज से बीकाम की पढ़ाई कर रहा है। आनंद गौड़ बलदेव प्लाजा के अजीम के मोबाइल फोन की दुकान पर काम करता है।
एसपी क्राइम ने बताया कि आरोपितों को छुड़ाने के लिए कई लोगों के फोन भी पुलिस के पास आए। पुलिस के अनुसार आमोद ने जो मोबाइल फोन ऑनलाइन खरीदा था, उसे अभिषेक मौर्या व आनंद के जरिए निखिल तथा फरार मोबाइल फोन दुकानदार अजीम ने खरीदा था।
इन दोनों ने फिर दोनों मोबाइल फोन को ओएलएक्स पर डालकर दूसरे ग्राहकों को बेच दिया। पुलिस ने पकड़े गए चारों आरोपितों के पास से एक जियो राउटर व घटना में प्रयुक्त सिम बरामद किया है। ओएलएक्स से भी पत्राचार किया गया, जिसके बाद कंपनी ने उक्त दोनों मोबाइल फोन पुलिस को भेजा है। अभी पार्सल पुलिस को नहीं मिला है।