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गोरखपुर में सपा के पूर्व मंत्री धरने पर बैठे, बोले- 'कमिश्नर ने की बदसलूकी'
Thu, 19 Nov 2020 04:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 19 Nov 2020 04:06 PM IST
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कमिश्नर कार्यालय पर धरने पर बैठे पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह एडिशनल कमिश्नर से वार्ता के बाद धरना समाप्त किए।
- फोटो : अमर उजाला।
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समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह ने गुरुवार को गोरखपुर के कमिश्नर जयंत नार्लिकर पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए उनके दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला गरमाने पर मौके पर पहुंचे एडिशनल कमिश्नर अजय कांत सैनी और सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने पूर्व मंत्री से संवाद स्थापित किया और उनके ज्ञापन को मुख्यमंत्री को भेजने का आश्वासन दिया, जिसपर वह धरने से उठे।
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वहीं कमिश्नर का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने पूर्व मंत्री के साथ कोई बदसलूकी नहीं की। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह पर वह नाराज हो गए। पूर्व मंत्री का आरोप है कि गन्ना किसानों और क्षेत्र में धान आदि की समस्या को लेकर वह गुरुवार की दोपहर एक बजे कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे।
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मगर कमिश्नर ने उन्हें अपने से काफी दूर बैठने को कहा। जब उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित ज्ञापन बढ़ाया तो उन्होंने उसे अपने पीए को देने को कहा। उन्होंने विरोध जताया तो कमिश्नर ने जेल भेजने की धमकी दी। इससे खफा पूर्व मंत्री कमिश्नर चैंबर के बाहर ही अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। करीब 20 मिनट बाद मौके पर पहुंचे एडिशनल कमिश्नर और सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया और उनका ज्ञापन लिया।
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यह है पूर्व मंत्री की मांग
पूर्व मंत्री का कहना है कि केंद्र सरकार ने 2016-17 में गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाया मगर राज्य सरकार ने अभी तक इसे लागू नहीं किया। उन्होंने गन्ना किसानों के हित में गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग की। इसी तरह उनका कहना था कि बारिश और बाढ़ की वजह से तमाम किसानों की गन्ना और धान की फसल प्रभावित हुई है, सरकार इसके लिए मुआवजा दे।
उन्होंने पराली जलाने के नाम पर किसानों से धन उगाही की भी शिकायत की। कहा कि पराली जलाने के नाम पर किसानों से दो हजार से लेकर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जा रहा है। गरीब किसान यह रकम कहां से लाएगा।
उन्होंने पराली जलाने के नाम पर किसानों से धन उगाही की भी शिकायत की। कहा कि पराली जलाने के नाम पर किसानों से दो हजार से लेकर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जा रहा है। गरीब किसान यह रकम कहां से लाएगा।