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गोरखपुर: वन विभाग ने आठ स्टीमर मंगवाया, मानसून में होगी निगरानी
Wed, 19 May 2021 02:56 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 19 May 2021 02:56 PM IST
सार
मानसून में वन तस्कर रहते हैं काफी सक्रिय, इन स्टीमरों से मिलेगी मदद
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स्टीमर। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर में वन विभाग ने लकड़ी की तस्करी कर उसे ताल में छुपाने वालों पर सख्ती करेगी। वन प्रभाग ने आठ सीटर हाईटेक मोटर स्टीमर मंगाया है। वन कर्मियों को इससे मानसून और बाढ़ के दिनों में सरूआताल एवं परगापुरताल में जंगल की लकड़ियों की अवैध कटान पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
गोरखपुर वन प्रभाग के कैंपियरगंज रेंज स्थित सरुआताल एवं परगापुर ताल क्षेत्र में मानसून के दौरान राप्ती नदी में आई बाढ़ और बारिश के बाद काफी जलभराव हो जाता है। इस कारण इस क्षेत्र में जंगल में निगरानी रखना काफी जोखिम भरा हो जाता है।
दरअसल, मानसून में वन तस्कर काफी सक्रिय रहते हैं और जंगल की लकड़ियां काट कर उन्हें गहरे ताल में डूबो देते हैं। बाद में पानी कम होने पर उन्हें निकाल कर चोरी छुपे बेच देते हैं।
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डीएफओ अविनाश कुमार ने पिछले वर्ष मुहिम चलाकर ऐसे तस्करों पर नकेल लगाई थी। बताया कि इन स्टीमरों से काफी हद तक मदद मिलेगी। वन रक्षक मानसून के वक्त में भी ताल और उसके आस पास के इलाकों में कॉंबिंग कर सकेंगे।
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गोरखपुर वन प्रभाग के कैंपियरगंज रेंज स्थित सरुआताल एवं परगापुर ताल क्षेत्र में मानसून के दौरान राप्ती नदी में आई बाढ़ और बारिश के बाद काफी जलभराव हो जाता है। इस कारण इस क्षेत्र में जंगल में निगरानी रखना काफी जोखिम भरा हो जाता है।
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दरअसल, मानसून में वन तस्कर काफी सक्रिय रहते हैं और जंगल की लकड़ियां काट कर उन्हें गहरे ताल में डूबो देते हैं। बाद में पानी कम होने पर उन्हें निकाल कर चोरी छुपे बेच देते हैं।
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डीएफओ अविनाश कुमार ने पिछले वर्ष मुहिम चलाकर ऐसे तस्करों पर नकेल लगाई थी। बताया कि इन स्टीमरों से काफी हद तक मदद मिलेगी। वन रक्षक मानसून के वक्त में भी ताल और उसके आस पास के इलाकों में कॉंबिंग कर सकेंगे।