Gorakhpur News: कोहरे को नाकाम कर रही डिवाइस, नहीं धीमी पड़ रही ट्रेनों की रफ्तार
पूर्वोत्तर रेलवे की सभी एक्सप्रेस ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस लगाई गई है। इसका बेहतर असर दिखने लगा है। 10-12 घंटे तक देरी से पहुंचने वाली ट्रेनें और चार से पांच घंटे की देरी से पहुंच रही हैं।
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जीपीएस आधारित फॉग सेफ डिवाइस लगाई गई तो घना कोहरा ट्रेनों की रफ्तार को धीमा नहीं कर पा रहा है। इस डिवाइस के कारण कोहरे के दौरान ट्रेनों की औसत गति बढ़ गई है। इस वर्ष कोहरे में ट्रेनों का समय पालन 80 फीसदी है जबकि पिछले वर्ष 65 फीसदी था।
पूर्वोत्तर रेलवे की सभी एक्सप्रेस ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस लगाई गई है। इसका बेहतर असर दिखने लगा है। 10-12 घंटे तक देरी से पहुंचने वाली ट्रेनें और चार से पांच घंटे की देरी से पहुंच रही हैं।
पहले दिल्ली से आने वाली वीआईपी ट्रेनों में शामिल गोरखधाम एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें घने कोहरे की वजह से 10 से 15 घंटे तक की देरी से पहुंचती थीं। कभी-कभी ये ट्रेनें 24 घंटे तक लेट हो जाती थीं। इस कारण इनका संचालन एक फेरे के लिए निरस्त भी करना पड़ता था। ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस लग जाने के बाद इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। ट्रेनें अधिकतम पांच घंटे की देरी से आई हैं। निरस्त होने की नौबत नहीं आई।
कहां, कितनी फॉग डिवाइस आवंटित
मंडल संख्या
लखनऊ 315
इज्जतनगर 266
वाराणसी 384
75 किमी से अधिक नहीं होगी ट्रेनों की रफ्तार
कोहरे में फॉग सेफ डिवाइस के साथ ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा निर्धारित है। ट्रेनें 75 किमी प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से नहीं चलेंगी। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, क्रासिंगों और सिग्नलों पर पारंपरिक नियमों और संसाधनों को भी लागू किया गया है।
क्या है फॉग डिवाइस
फॉग सेफ डिवाइस एक बैटरी ऑपरेटेड यंत्र है, जिसे ट्रेन के इंजन में रखा जाता है। इसमें जीपीएस की भी सुविधा होती है। इस यंत्र में एक वायर वाला एंटीना होता है, जिसे इंजन के बाहरी हिस्से में लगाया जाता है। यह एंटीना इस डिवाइस में सिग्नल को रिसीव करने के लिए लगाया जाता है। इसमें मेमोरी चिप लगी होती है, जिसमें रेलवे का रूट फिक्स होता है।
लेवल क्रासिंग, जनरल क्रासिंग, रेलवे स्टेशन की जानकारी फीड रहती है। इसके जरिए आगे पड़ने वाले सिग्नल या लाइन की जानकारी मिलती रहती है। यह डिवाइस लोको पायलट को तीन किलोमीटर पहले आगे आने वाले सिग्नल की जानकारी देती है। साथ ही सिग्नल से 500 मीटर पहले संदेश देना शुरू कर देती है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में सभी ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित किया गया है। इस जीपीएस आधारित डिवाइस के उपयोग से संरक्षा के साथ समय पालन में भी सुधार हुआ है।