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Gorakhpur News: गोरखपुर में मारपीट के अभियुक्तों को पांच साल की कैद, अर्थदंड भी लगाया

Wed, 25 Jan 2023 11:36 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 25 Jan 2023 11:36 AM IST
सार

घटना 30 नवंबर 2004 की रात नौ बजे की है। पट्टीदारी की रंजिश को लेकर अभियुक्तगण वादी को गाली दे रहे थे। मना करने पर अभियुक्तों ने वादी को लाठी डंडा से मारना पीटना शुरू कर दिया। वादी को बचाने उसका भाई सुविंद और उसकी पत्नी आई तो उन्हें भी मारा पीटा, जिससे भाई बेहोश हो कर गिर गया और उसे गंभीर चोटें आईं।

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Five years imprisonment for accused of assault in Gorakhpur
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के जुर्म में अपर सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिंह ने तिवारीपुर थाना क्षेत्र के बहरामपुर उत्तरी निकट बाले मैदान निवासी अभियुक्त जगदीश, राजेश, मुकेश व हरिकेश को पांच साल के कठोर कारावास एवं नौ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्तों को छह माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।

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 अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शरदेंदु प्रताप नारायण सिंह का कहना था कि वादी विश्वनाथ मल्लाह बहरामपुर उत्तरी का निवासी है। घटना 30 नवंबर 2004 की रात नौ बजे की है। पट्टीदारी की रंजिश को लेकर अभियुक्तगण वादी को गाली दे रहे थे। मना करने पर अभियुक्तों ने वादी को लाठी डंडा से मारना पीटना शुरू कर दिया। वादी को बचाने उसका भाई सुविंद और उसकी पत्नी आई तो उन्हें भी मारा पीटा, जिससे भाई बेहोश हो कर गिर गया और उसे गंभीर चोटें आईं।
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भ्रष्टाचार के अभियुक्त पूर्व वरिष्ठ लिपिक को सजा
भ्रष्टाचार का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ओम प्रकाश मिश्र ने तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक सिंचाई कार्यशाला खंड गोरखपुर ओमप्रकाश श्रीवास्तव को पांच साल के कठोर कारावास व 11 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को चार माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
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अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम त्रिपाठी का कहना था कि 22 अप्रैल 2016 को शिकायतकर्ता मजीबुल्लाह अंसारी ने शिकायती प्रार्थनापत्र भ्रष्टाचार निवारण संगठन को दिया। जिसपर जांच की गई तो पाया गया कि सिंचाई कार्यशाला खंड लच्छीपुर औद्योगिक अधिष्ठान में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा अपना कार्य समयानुसार पूर्ण करने के बाद अतिरिक्त कार्य किया गया था। उसी ओवर टाइम के पैसों का भुगतान करने के नाम पर अभियुक्त द्वारा शिकायतकर्ता से 11 सौ रुपये रिश्वत ली गई थी।

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