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पांच हजार लिवोसिट्राजिन सीरप वापस मंगाया गया
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पांच हजार बॉटल लिवोसिट्राजिन सीरप वापस मंगाई गई
गोरखपुर। जिले के ड्रग वेयर हाउस से पांच हजार बॉटल (प्रति बॉटल 60 एमएल) लिवोसिट्राजिन सीरप वापस मुख्यालय मंगाई गई है। यह फैसला लिवोसिट्राजिन के नमूने फेल होने की वजह से लिया गया है। यह सीरप सितंबर माह में सभी ड्रग वेयर हाउस को मुख्यालय से भेजी गई थी।
जानकारी के मुताबिक सितंबर माह में मुख्यालय से लिवोसिट्राजिन सीरप जिले के सभी ड्रग वेयर हाउस को भेजी गई थी। ड्रग वेयर हाउस से जिला अस्पतालों सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर सीरप को भेजा था। लेकिन इससे पूर्व उसी समय इसका नमूना जांच के लिए गुणवत्ता नियंत्रण अनुभाग को भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट इसी माह माह जारी हुई है।
रिपोर्ट में दवा के बैच नंबर एलवीएन-1901, एलवीएन-1903, एलवीएन-1904, एलवीएन-1905, एलवीएन-1906 और एलवीएन-1907 के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इसके बाद से गुणवत्ता नियंत्रण अनुभाग द्वारा इस दवा की लेबलिंग के आधार पर उसे मिसब्रांड घोषित किया गया।
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इसके बाद बाद मुख्यालय से इन दवाओं को वापस मंगा लिया गया है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। दवाएं जिला अस्पताल में नहीं आईं थीं। एक भी बैच मरीजों में नहीं बांटा गया था। दवाएं वापस मुख्यालय भेजी जा रही हैं।
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गोरखपुर। जिले के ड्रग वेयर हाउस से पांच हजार बॉटल (प्रति बॉटल 60 एमएल) लिवोसिट्राजिन सीरप वापस मुख्यालय मंगाई गई है। यह फैसला लिवोसिट्राजिन के नमूने फेल होने की वजह से लिया गया है। यह सीरप सितंबर माह में सभी ड्रग वेयर हाउस को मुख्यालय से भेजी गई थी।
जानकारी के मुताबिक सितंबर माह में मुख्यालय से लिवोसिट्राजिन सीरप जिले के सभी ड्रग वेयर हाउस को भेजी गई थी। ड्रग वेयर हाउस से जिला अस्पतालों सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर सीरप को भेजा था। लेकिन इससे पूर्व उसी समय इसका नमूना जांच के लिए गुणवत्ता नियंत्रण अनुभाग को भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट इसी माह माह जारी हुई है।
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रिपोर्ट में दवा के बैच नंबर एलवीएन-1901, एलवीएन-1903, एलवीएन-1904, एलवीएन-1905, एलवीएन-1906 और एलवीएन-1907 के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इसके बाद से गुणवत्ता नियंत्रण अनुभाग द्वारा इस दवा की लेबलिंग के आधार पर उसे मिसब्रांड घोषित किया गया।
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इसके बाद बाद मुख्यालय से इन दवाओं को वापस मंगा लिया गया है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। दवाएं जिला अस्पताल में नहीं आईं थीं। एक भी बैच मरीजों में नहीं बांटा गया था। दवाएं वापस मुख्यालय भेजी जा रही हैं।