गोरखपुर विश्वविद्यालय: परीक्षा में भारी गड़बड़ी, अंग्रेजी द्वितीय वर्ष की जगह बंट गया प्रथम वर्ष का पेपर
विवि केंद्र पर अंग्रेजी विषय के एक हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। गलत प्रश्रनपत्र बंटने से विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है। केंद्राध्यक्ष ने इसकी जानकारी परीक्षा नियंत्रक को दी है।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में वार्षिक परीक्षा के दौरान बुधवार सुबह बड़ी लापरवाही सामने आई। बीए द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी के द्वितीय प्रश्नपत्र में सवाल बीए प्रथम वर्ष के थे। पेपर देखने के बाद गोरखपुर से लेकर देवरिया और कुशीनगर तक के विद्यार्थियों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा स्थगित कर दी। अब परीक्षा 12 मई को होगी।
सुबह की पाली में साढ़े सात बजे से बीए द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी साहित्य द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। करीब 150 केंद्रों पर 17 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल थे। विश्वविद्यालय के कला संकाय भवन पर परीक्षा देने आए छात्रों के मुताबिक प्रश्नपत्र के ऊपर सब सही था, लेकिन अंदर ड्रामा के प्रश्न पूछे गए थे। ये सवाल अंग्रेजी के बीए प्रथम वर्ष के थे। इसके बाद परीक्षार्थियों ने हंगामा कर दिया। हंगामे को देखते हुए केंद्र अधीक्षक डॉ. अमित उपाध्याय ने अधिकारियों से बात कर तत्काल पेपर निरस्त करने की घोषणा कर दी। इसके बाद विद्यार्थी लौट गए।
उधर, महाविद्यालयों में भी छात्रों ने खूब हंगामा किया। इससे स्थिति विकट हो गई। महाविद्यालयों में प्रबंधन कोई निर्णय नहीं ले पा रहा था। इससे छात्रों का हंगामा बढ़ता जा रहा था। छात्रों के हंगामे के बीच विवि प्रशासन ने लापरवाही मानते हुए तत्काल परीक्षा स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश की प्रति सभी महाविद्यालयों को जारी कर दी गई। विवि प्रशासन का लिखित आदेश मिलने के बाद आश्वस्त होकर छात्र अपने-अपने केंद्रों से लौटे।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
बीए द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी के द्वितीय प्रश्नपत्र में सवाल वर्तमान पाठ्यक्रम से इतर पाए जाने पर कुलपति ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी मामले की छानबीन कर चूक का पता लगाएगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई होगी।
राजनीति शास्त्र की परीक्षा में भी हुई थी चूक
विश्वविद्यालय की परीक्षा में इससे पहले भी चूक हुई थी। बीए द्वितीय वर्ष की राजनीति शास्त्र की परीक्षा में विश्वविद्यालय के ऑनलाइन सेल की गलती से सैकड़ों बच्चों की परीक्षा छूट गई थी। राजनीति शास्त्र के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा 18 अप्रैल को थी। लेकिन, विवि के ऑनलाइन सेल ने प्रवेशपत्र पर शुरुआत में 19 अप्रैल परीक्षा की तिथि दर्ज कर दी थी।
बाद में गड़बड़ी मिलने पर उसे दुरुस्त कर लिया गया। लेकिन, इस बात को विवि प्रशासन ने गोपनीय रखा था। जिन विद्यार्थियों ने पहले प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिया था, वे जब 19 अप्रैल को परीक्षा देने पहुंचे तो पता चला कि उनका पेपर तो 18 अप्रैल को हो गया है। इसके बाद हंगामा किया था। तब विवि प्रशासन ने अपनी चूक स्वीकारते हुए छूटे हुए परीक्षार्थियों की परीक्षा पांच मई को कराने का निर्णय लिया।
बीए द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा स्थगित कर दी गई है। चूक कहां से और कैसे हुई, इसकी जांच के लिए कुलपति ने कमेटी गठित की है। निरस्त की गई परीक्षा 12 मई को निर्धारित केंद्रों पर होगी।- डॉ. अमरेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक, गोविवि