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पूर्वोत्तर रेलवे: स्क्रैप निस्तारण में मिला पहला स्थान, कोरोना काल में बने नए कीर्तिमान
Fri, 02 Apr 2021 11:55 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 02 Apr 2021 11:55 AM IST
सार
- कोरोना काल में हासिल हुईं कई उपलब्धियां, बने नए कीर्तिमान
- इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर पूर्वोत्तर रेलवे ने बचाए 585 करोड़ रुपये
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Gorakhpur Railway station
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कोरोना काल में विपरीत हालातों के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) ने कई उपलब्धियां हासिल कीं और नए कीर्तिमान गढ़े हैं। स्क्रैप निस्तारण में रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित मानक पर सौ फीसदी अंक हासिल कर देशभर में एनईआर को पहला स्थान मिला है। तेजी से ट्रैक का विद्युतीकरण कराने के बाद एनईआर ने इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर 585 करोड़ रुपये की बचत की है।
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मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के मुताबिक एनईआर के 70 प्रतिशत हिस्से को विद्युतीकृत किया जा चुका है। इनपर इलेक्ट्रिक इंजन से गाड़ियों का संचलन हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020-21 में 561.36 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण किया गया जो कि भारतीय रेल में दूसरा सबसे बड़ा कीर्तिमान है। एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक दूरी तक कराया गया विद्युतीकरण का काम भी पूर्वोत्तर रेलवे की खास उपलब्धियों में से एक है।
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इलेक्ट्रिक इंजन चलने से हाईस्पीड डीजल खपत में काफी कमी आई और इससे 585 करोड़ रुपये की बचत हुई। ईंधन खपत में कमी के लिए तीन फेज लोकोमोटिव में रि-जनरेटिव ब्रेकिंग के साथ 9.58 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुई। इससे 4.18 करोड़ की बचत, नॉन ट्रैक्शन ऊर्जा खपत में 12.93 मिलियन यूनिट की कमी तथा 25.93 लाख यूनिट सौर ऊर्जा के उत्पादन से लगभग 1.02 करोड़ की बचत हुई है।
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आमान परिवर्तन व दोहरीकरण में बेहतर काम
वर्ष 2020-21 में आमान परिवर्तन एवं दोहरीकरण के कार्य भी बेहतर हुए। औड़िहार-गाजीपुर सिटी (40 किलोमीटर), बलिया-फेफना (12.53 किमी.) एवं कछवा रोड-ज्ञानपुर रोड (48.59 किमी.) दोहरीकरण कार्य पूरा हुआ। पीलीभीत-शाहजहांपुर आमान परिवर्तन बीसलपुर-शहबाजनगर (42 किमी.) खंड का कार्य इस वित्तीय वर्ष में पूरा किया गया। अब शहबाजनगर-शाहजहांपुर (04 किमी.) का काम ही शेष है।
स्क्रैप बेचकर कमाए 229.5 करोड़
वर्ष 2020-21 में रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे को 150 करोड़ के स्क्रैप बिक्री का लक्ष्य दिया था। 229.5 करोड़ रुपये का स्क्रैप बेचकर प्रशासन ने निर्धारित लक्ष्य से 53 प्रतिशत ज्यादा हासिल किया। पूर्वोत्तर रेलवे के इतिहास में स्क्रैप निस्तारण का यह सर्वकालिक रिकॉर्ड है।
445 पुराने कोच को वैगन बनाया
ऑटोमोबाइल यातायात की मांग को पूरा करने के लिए रेलवे प्रशासन ने 445 पुराने आईसीएफ कोचों को न्यूली मोडिफाइड गुड्स (एनएमजी) वैगनों में बदला। यह भारतीय रेल में एक रिकॉर्ड है। वर्ष 2020-21 में माल लदान पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक हुआ। मालगाड़ियों की औसत गति 25.58 किमी. प्रति घंटे से बढ़ाकर 46.66 किमी. प्रतिघंटे की गई। लखनऊ के निकट बक्शी का तालाब स्टेशन तथा दूसरा नेपाल सीमा पर स्थित नौतनवां स्टेशन को ऑटोमोबाइल ट्रैफिक के लिए बेहतर बनाया गया है।
छह हजार हॉर्सपावर क्षमता वाले इंजन को दिखाई हरी झंडी
विद्युत लोको शेड से पूर्वोत्तर रेलवे में पहली बार छह हजार हॉर्सपावर क्षमता वाले इंजन को रवाना किया गया। बृहस्पतिवार को एनईआर के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी ने डब्ल्यू एपी-7 विद्युत लोको को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उत्कृष्ट एवं आधुनिक तकनीक से बनारस लोकोमोटिव वर्क्स, वाराणसी में निर्मित यह विद्युत इंजन यात्री गाड़ियों के संचलन में उपयोगी है। महाप्रबंधक ने इलेक्ट्रिक लोको शेड, गोरखपुर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। सभी कार्य तय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण आरके यादव, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एके शुक्ला सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित रहे।
स्क्रैप बेचकर कमाए 229.5 करोड़
वर्ष 2020-21 में रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे को 150 करोड़ के स्क्रैप बिक्री का लक्ष्य दिया था। 229.5 करोड़ रुपये का स्क्रैप बेचकर प्रशासन ने निर्धारित लक्ष्य से 53 प्रतिशत ज्यादा हासिल किया। पूर्वोत्तर रेलवे के इतिहास में स्क्रैप निस्तारण का यह सर्वकालिक रिकॉर्ड है।
445 पुराने कोच को वैगन बनाया
ऑटोमोबाइल यातायात की मांग को पूरा करने के लिए रेलवे प्रशासन ने 445 पुराने आईसीएफ कोचों को न्यूली मोडिफाइड गुड्स (एनएमजी) वैगनों में बदला। यह भारतीय रेल में एक रिकॉर्ड है। वर्ष 2020-21 में माल लदान पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक हुआ। मालगाड़ियों की औसत गति 25.58 किमी. प्रति घंटे से बढ़ाकर 46.66 किमी. प्रतिघंटे की गई। लखनऊ के निकट बक्शी का तालाब स्टेशन तथा दूसरा नेपाल सीमा पर स्थित नौतनवां स्टेशन को ऑटोमोबाइल ट्रैफिक के लिए बेहतर बनाया गया है।
छह हजार हॉर्सपावर क्षमता वाले इंजन को दिखाई हरी झंडी
विद्युत लोको शेड से पूर्वोत्तर रेलवे में पहली बार छह हजार हॉर्सपावर क्षमता वाले इंजन को रवाना किया गया। बृहस्पतिवार को एनईआर के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी ने डब्ल्यू एपी-7 विद्युत लोको को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उत्कृष्ट एवं आधुनिक तकनीक से बनारस लोकोमोटिव वर्क्स, वाराणसी में निर्मित यह विद्युत इंजन यात्री गाड़ियों के संचलन में उपयोगी है। महाप्रबंधक ने इलेक्ट्रिक लोको शेड, गोरखपुर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। सभी कार्य तय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण आरके यादव, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एके शुक्ला सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित रहे।